UP Board Result 2026: बिकरू कांड की आरोपी रही Khushi Dubey की बड़ी सफलता, 30 महीने जेल के बाद भी 12वीं में 60.8% अंकों के साथ फर्स्ट डिविजन हासिल किया

कानपुर के चर्चित बिकरू कांड में आरोपी रहीं खुशी दुबे ने यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में 60.8% अंकों के साथ प्रथम श्रेणी हासिल की है. जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई पूरी की.

(Photo Credits Twitter)

 UP Board Result 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा घोषित 12वीं के परिणामों में इस बार एक ऐसा नाम चर्चा में है, जिसकी पहचान कभी अपराध की फाइलों में दर्ज थी. कानपुर के चर्चित बिकरू कांड में सह-आरोपी रहीं खुशी दुबे (Khushi Dubey ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में 60.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी (First Division) में सफलता हासिल की है. लगभग 30 महीने जेल की सलाखों के पीछे बिताने के बाद, खुशी के लिए यह शैक्षणिक उपलब्धि एक नई सामाजिक शुरुआत मानी जा रही है.

संघर्षों के बीच मिली सफलता

खुशी दुबे की यह कामयाबी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने यह परिणाम बेहद कठिन परिस्थितियों में हासिल किया है. साल 2020 में हुए बिकरू कांड के बाद खुशी को गिरफ्तार किया गया था. लंबी कानूनी लड़ाई और जेल की सजा काटने के बाद, जब उन्हें जमानत मिली, तो उन्होंने समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए शिक्षा का सहारा लिया. खुशी ने बताया कि कोर्ट की पेशियों और परिवार की आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी.  यह भी पढ़े:  Manipur Class 12 Results 2026 OUT: मणिपुर बोर्ड HSE कक्षा 12वीं का परिणाम जारी, manresults.nic.in पर नंबर दर्ज कर छात्र ऐसे करें मार्कशीट डाउनलोड

विषयवार प्रदर्शन और भविष्य का लक्ष्य

खुशी दुबे ने मानविकी (Humanities) वर्ग से परीक्षा दी थी. उनके प्राप्तांक इस प्रकार हैं:

कुल 60.8% अंकों के साथ पास होने पर खुशी ने संतोष व्यक्त किया है. उन्होंने अपने भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि वह अब कानून की पढ़ाई (LLB) करना चाहती हैं. उनका लक्ष्य एक वकील बनकर न्याय व्यवस्था को करीब से समझना और जरूरतमंदों की मदद करना है.

पृष्ठभूमि: क्या था बिकरू कांड?

बिकरू कांड उत्तर प्रदेश के आपराधिक इतिहास की सबसे दहला देने वाली घटनाओं में से एक है. 2 जुलाई, 2020 की रात कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र के बिकरू गांव में गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर घात लगाकर हमला किया गया था. इस मुठभेड़ में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे.

खुशी दुबे की शादी घटना से मात्र तीन दिन पहले विकास दुबे के करीबी अमर दुबे से हुई थी. पुलिस ने अमर दुबे के एनकाउंटर के बाद खुशी को भी साजिश और अन्य आरोपों में जेल भेज दिया था. लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी.

नई शुरुआत की ओर कदम

जेल से रिहाई के बाद खुशी दुबे ने अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर एक सामान्य जीवन जीने की कोशिश शुरू की है. उनके परिजनों का कहना है कि यह परीक्षा परिणाम केवल अंकों का मामला नहीं है, बल्कि यह उनके आत्मसम्मान और समाज में फिर से स्थापित होने की एक कोशिश है. सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस परिणाम को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखी जा रही हैं.

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