देश

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अब तक 7.83 लाख किलोमीटर की सड़कों का हुआ निर्माण; 9,891 पुल भी बने

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत अब तक 1.83 लाख से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण हो चुका है और इनकी कुल लंबाई 7,83,727 किलोमीटर की है. साथ ही इसमें 9,891 पुलों का निर्माण किया गया है.

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अब तक 7.83 लाख किलोमीटर की सड़कों का हुआ निर्माण; 9,891 पुल भी बने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोला (Photo : X)

नई दिल्ली, 14 सितंबर : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत अब तक 1.83 लाख से अधिक ग्रामीण सड़कों का निर्माण हो चुका है और इनकी कुल लंबाई 7,83,727 किलोमीटर की है. साथ ही इसमें 9,891 पुलों का निर्माण किया गया है. इससे देश के ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी में काफी सुधार हुआ है. यह जानकारी सरकार की ओर से रविवार को दी गई.

पीएमजीएसवाई योजना ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं तक पहुंच में काफी सुधार किया है, कृषि और गैर-कृषि दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा किए हैं और किसानों को अपनी उपज के बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सक्षम बनाया है. साथ ही, इस योजना ने गरीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. सरकारी बयान में कहा गया कि अगस्त 2025 तक, ग्रामीण विकास के एक प्रमुख घटक के रूप में पीएमजीएसवाई के तहत 8,38,611 किलोमीटर लंबी कुल 1.91 लाख ग्रामीण सड़कें और 12,146 पुल स्वीकृत किए गए हैं. यह भी पढ़ें : Mumbai Metro 9: मेट्रो के ब्रिज से नीचे गिरा 30 किलो का जैक, बाल बाल बचे लोग, भायंदर का VIDEO आया सामने

इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में एकल बारहमासी सड़क के माध्यम से असंबद्ध बस्तियों को संपर्क प्रदान करना. हाल के वर्षों में पीएमजीएसवाई के लिए उच्च बजट आवंटन ग्रामीण सड़क संपर्क को मजबूत करने पर सरकार के फोकस को दर्शाता है. चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, इस कार्यक्रम को 19,000 करोड़ रुपए का बजट प्राप्त हुआ है, जो ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार, बारहमासी सड़क संपर्क सुनिश्चित करने और गांवों में आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर समर्थन को दिखाता है.

पीएमजीएसवाई ग्रामीण सड़क निर्माण में स्थानीय, गैर-पारंपरिक और हरित प्रौद्योगिकियों के उपयोग को सक्रिय रूप से बढ़ावा देता है. ग्रामीण सड़क निर्माण में नई और हरित प्रौद्योगिकियों को अपनाने से लागत कम करने में मदद मिलती है और साथ ही औद्योगिक और नगरपालिका अपशिष्ट का प्रभावी निपटान संभव होता है. यह कई सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने में विशेष रूप से गरीबी उन्मूलन से संबंधित लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी योगदान देता है. इस योजना के तहत, अगस्त 2025 तक, नई और हरित प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके कुल 1,66,694 किलोमीटर सड़क लंबाई स्वीकृत की गई है, जिसमें से 1,24,688 किलोमीटर का निर्माण पहले ही हो चुका है.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 14, 2025 04:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).