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Twitter को बड़ा झटका, अब भारत में नहीं रहा इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म, आपत्तिजनक पोस्ट के लिए चलेगा कानून का चाबुक

नए आईटी नियमों का पालन नहीं करने पर माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) ने भारत में एक इंटरमीडरी प्लेटफॉर्म (Intermediary Platform) के रूप में अपनी स्थिति गवां दी है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि ट्विटर मेनस्ट्रीम सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म में ऐसा अकेला प्लेटफॉर्म है जिसने नए कानूनों का पालन नहीं किया है.

Twitter को बड़ा झटका, अब भारत में नहीं रहा इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म, आपत्तिजनक पोस्ट के लिए चलेगा कानून का चाबुक
ट्विटर (Photo Credits: Pixabay)

नई दिल्ली: नए आईटी नियमों का पालन नहीं करने पर माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) ने भारत में एक इंटरमीडरी प्लेटफॉर्म (Intermediary Platform) के रूप में अपनी स्थिति गवां दी है. सरकारी सूत्रों ने बताया कि ट्विटर मेनस्ट्रीम सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म में ऐसा अकेला प्लेटफॉर्म है जिसने नए कानूनों का पालन नहीं किया है. इसका मतलब यह है कि अब किसी भी आपत्तिजनक पोस्ट के लिए ट्विटर को भी दोषी माना जाएगा और ट्विटर के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकेगी. Twitter: क्या आईटी नियमों का पालन न करने पर भारत ट्विटर को निलंबित कर सकता है?

नए आईटी नियमों का पालन नहीं करने की वजह से ट्विटर ने भारत में इंटरमीडरी प्लेटफॉर्म का दर्जा खो दिया है. यानी अब भारत में ट्विटर विभिन्न उपयोगकर्ताओं से सामग्री की होस्टिंग करने वाला केवल एक प्लेटफॉर्म माना जाने की बजाय, ट्विटर अपने प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित पोस्ट के लिए सीधे संपादकीय रूप से जिम्मेदार होगा. इस अर्थ यह है कि अगर कथित गैरकानूनी सामग्री के लिए ट्विटर के खिलाफ कोई आरोप है तो इसे एक प्रकाशक के रूप में माना जाएगा, इंटरमीडरी नहीं और आईटी अधिनियम, साथ ही देश के दंड कानूनों सहित किसी भी कानून के तहत दंड के लिए उत्तरदायी होगा.

ट्विटर ने मंगलवार को कहा कि उसने भारत के लिये अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त कर लिया है और जल्द ही अधिकारी का ब्यौरा सीधे सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा.

सरकार ने ट्विटर को दिए एक नोटिस में कहा था कि उसे नियमों के अनुपालन का आखिरी मौका दिया जाता है. उसे तत्काल नियमों का अनुपालन करना है. यदि वह इसमें विफल रहती है, तो उसे आईटी कानून के तहत दायित्व से जो छूट मिली है, वह वापस ले ली जाएगी. इसके साथ ही उसे आईटी कानून और अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा.

इसके बाद ट्विटर ने पिछले हफ्ते सरकार को पत्र लिखकर आश्वासन दिया था कि वह नये सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के अनुरूप मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति करने के अंतिम चरण में है और सरकार को एक हफ्ते के भीतर अतिरिक्त ब्यौरा दे दिया जाएगा.

मंगलवार को ट्विटर के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी नये दिशानिर्देशों का पालन करने की हर कोशिश कर रही है और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को प्रक्रिया के हर कदम पर प्रगति की जानकारी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि एक अंतरिम मुख्य अनुपालन अधिकारी नियुक्त किया गया है और इससे जुड़ा ब्यौरा जल्द ही मंत्रालय के साथ साझा किया जाएगा.

नये नियमों के तहत बड़े डिजिटल मंचों को अपने मंच पर डाले जाने वाली सामग्री को लेकर अधिक जवाबदेह बनना होगा. नये नियमों के तहत ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे बड़े सोशल मीडिया मंचों को अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत होगी. इसमें भारत में मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल अधिकारी और शिकायत अधिकारी की नियुक्ति आदि शामिल हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 16, 2021 10:07 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).