Triple Talaq Bill: मुख्तार अब्बास नकवी ने जताया भरोसा, संसद के दोनों सदनों में पास हो जाएगा तीन तलाक बिल
तीन तलाक पर लगाम लगाने के लिए लोकसभा में पेश किए गए ट्रिपल तलाक बिल को लेकर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भरोसा जताते हुए कहा कि संसद की दोनों सदनों में इस विधेयक को पारित किया जाएगा.
Triple Talaq Bill: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रालय (Union Ministry) द्वारा लोकसभा (Lok Sabha) में ट्रिपल तलाक (Triple Talaq) पर प्रतिबंध लगाने वाले नए विधेयक को पेश किए जाने के महज एक दिन बाद केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Union Minister Mukhtar Abbas) ने भरोसा जताते हुए कहा कि इस बार संसद (Parliament) की दोनों सदनों में तीन तलाक विधेयक (Triple Talaq Bill) पारित किया जाएगा.
बाल विवाह, सती प्रथा से ट्रिपल तलाक की तुलना करते हुए शनिवार को नकवी ने न्यूज एजेंसी एएनआई के हवाले से कहा कि गलत परंपराओं और गलत प्रथाओं को खत्म करने के लिए पहले इस देश से बाल विवाह और सती प्रथा जैसी कुरितियों को खत्म किया गया. ऐसे में तीन तलाक जैसी प्रथा को क्यों खत्म नहीं किया जाना चाहिए. मुख्तार अब्बास नकवी ने भरोसा जताते हुए कहा कि तीन तलाक विधेयक को संसद की दोनों सदनों में पारित किया जाएगा.
इसके साथ ही उन्होंने महिला सशक्तीकरण और महिला सुरक्षा के लिए कानून बनाए जाने के बीच बाधा डालने के लिए कांग्रेस पर निशाना भी साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता कभी सशस्त्र बलों का अपमान करते हैं तो कभी वे महिला सशक्तीकरण और महिला सुरक्षा के लिए बनाए जा रहे कानून को लेकर अडंगा डालने की कोशिश करते हैं. उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक का धर्म से कोई लेना देना नहीं है, इसका संबंध समाज की गलत परंपराओं और गलत प्रथाओं से है, जिसे खत्म किया जाना चाहिए. यह भी पढ़ें: लोकसभा में आज मोदी सरकार पेश करेगी 'तीन तलाक' बिल, कांग्रेस-JDU करेंगी विरोध
दरअसल, विपक्ष के विरोध के बीच केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुस्लिम महिलाओं के विवाह के बाद अधिकारों के संरक्षण को लेकर तीन तलाक विधेयक को लोकसभा में पेश किया था. इस बिल का विरोध जताते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि तीन तलाक बिल के जरिए मुस्लिम पुरुषों को निशाना बनाया जा रहा है.
गौरतलब है कि ट्रिपल तलाक बिल को पेश करने के लिए वोटिंग कराया गया, जिसमें 186 सदस्यों ने बिल का समर्थन किया और 74 ने इसका विरोध जताया. रविशंकर प्रसाद का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रिपल तलाक प्रथा पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के बाद से अब तक 200 से अधिक तीन तलाक के मामले सामने आ चुके हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 22, 2019 08:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

