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ट्रेड मार्क्स रजिस्ट्री ने 'CHUTIYARAM' ट्रेडमार्क पर लिया यू-टर्न, कहा- पहले गलती से किया था एक्सेप्ट

ट्रेड मार्क्स रजिस्ट्री ने मंगलवार को 'CHUTIYARAM' नामक ट्रेडमार्क के पंजीकरण को रद्द कर दिया. यह ट्रेडमार्क क्लास 30 के तहत रजिस्टर किया गया था, जिसमें मुख्य रूप से खाद्य पदार्थ जैसे नमकीन और बिस्किट आते हैं.

ट्रेड मार्क्स रजिस्ट्री ने 'CHUTIYARAM' ट्रेडमार्क पर लिया यू-टर्न, कहा- पहले गलती से किया था एक्सेप्ट
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo: Pixabay)

ट्रेड मार्क्स रजिस्ट्री ने मंगलवार को 'CHUTIYARAM' नामक ट्रेडमार्क के पंजीकरण को रद्द कर दिया. यह ट्रेडमार्क क्लास 30 के तहत रजिस्टर किया गया था, जिसमें मुख्य रूप से खाद्य पदार्थ जैसे नमकीन और बिस्किट आते हैं. रजिस्ट्री ने स्पष्ट किया कि यह ट्रेडमार्क गलती से स्वीकार कर लिया गया था और इसे ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 9 और 11 के तहत आपत्तियों का सामना करना पड़ सकता है.

ट्रेड मार्क्स रजिस्ट्री द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि यह चिह्न गलती से स्वीकार कर लिया गया था और इसे धारा 19 और नियम 38 के तहत वापस लिया जा रहा है. इसके साथ ही, इस मामले पर सुनवाई निर्धारित की गई है. यह फैसला उस समय आया जब इस ट्रेडमार्क को स्वीकार किए हुए केवल दो हफ्ते ही हुए थे और इसे ट्रेडमार्क जर्नल में प्रकाशित किए जाने के एक दिन बाद ही हटा दिया गया.

इस मामले ने बौद्धिक संपदा कानून विशेषज्ञों के बीच चर्चा छेड़ दी. कई लोगों ने इस पर सवाल उठाया कि यह मार्क रिव्यू प्रक्रिया से कैसे गुजर गया और इसे कानूनी रूप से स्वीकार कैसे किया गया.

कैसे मिली थी पहले स्वीकृति?

जब इस ट्रेडमार्क को पहली बार स्वीकार किया गया था, तब परीक्षक ने इसे 'Chuti' और 'Ram' दो अलग-अलग शब्दों का संयोजन माना. उनका तर्क था कि यह शब्द एक अलग पहचान बनाता है और अन्य ट्रेडमार्क से भिन्न है. इसके अलावा, यह किसी विशिष्ट उत्पाद को सीधे संदर्भित नहीं करता, इसलिए धारा 9(1) के तहत कोई आपत्ति नहीं उठाई गई थी.

लेकिन फिर क्यों हुआ रद्द?

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना था कि इस शब्द को धारा 9(2)(c) के तहत जांचा जाना चाहिए था. यह धारा उन ट्रेडमार्क को प्रतिबंधित करती है, जो किसी भी रूप में अश्लील, आपत्तिजनक या सार्वजनिक नैतिकता के खिलाफ हों. यही वजह रही कि इसे बाद में आपत्तिजनक माना गया और इसकी स्वीकृति वापस ले ली गई.

क्या कहता है भारतीय ट्रेडमार्क कानून?

भारतीय कानून के अनुसार, किसी भी अपशब्द, अपमानजनक या अश्लील शब्दों को ट्रेडमार्क के रूप में पंजीकृत नहीं किया जा सकता. ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999 की धारा 9(2)(c) स्पष्ट रूप से ऐसे ट्रेडमार्क को प्रतिबंधित करती है जो सार्वजनिक नैतिकता के खिलाफ हों या समाज में विवाद पैदा कर सकते हों. इसके अलावा, धार्मिक भावनाओं को आहत करने, उपभोक्ताओं को गुमराह करने या सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ जाने वाले ट्रेडमार्क भी अस्वीकृत किए जा सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 18, 2025 08:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).