UP Weather Update: यूपी के 37 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट; IMD ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट, तापमान में आएगी गिरावट
उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को प्रदेश के 37 से अधिक जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है. बुंदेलखंड और दक्षिण-पूर्वी यूपी में भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जिससे अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मानसून (Monsoon) एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अलर्ट के अनुसार, शुक्रवार (7 अगस्त 2026) को राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है.
मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के कई जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' तथा मध्य व दक्षिणी यूपी के जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है. अगले 24 घंटों के दौरान होने वाली इस बारिश से अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी. यह भी पढ़ें: MP Weather Today: मध्य प्रदेश के इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; IMD ने जारी की चेतावनी, जानें अगले 5 दिनों का मौसम
इन जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम चेतावनी मानचित्र के अनुसार बुंदेलखंड और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया गया है.
IMD ने प्रयागराज, प्रतापगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर और संत रविदास नगर (भदोही) समेत आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश की चेतावनी दी है. इन इलाकों में कम समय में अधिक बारिश होने से निचले इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका है.
मध्य और पश्चिमी यूपी के जिलों में येलो अलर्ट
मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है:
- येलो अलर्ट वाले जिले: कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, फतेहपुर, कौशांबी, बांदा, चित्रकूट, झांसी, ललितपुर, महोबा, जालौन, आगरा, फिरोसीबाद, एता, कासगंज, हाथरस और मैनपुरी.
- पूर्वी यूपी (ग्रीन जोन): गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, गोंडा, अयोध्या और बहराइच जैसे जिले फिलहाल ग्रीन जोन में हैं। हालांकि, यहां भी स्थानीय स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है.
मानसून के सक्रिय होने का मुख्य कारण
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ने के बाद मानसूनी ट्रफ रेखा अपनी सामान्य स्थिति के करीब आ गई है.
इसके साथ ही राज्य के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण गंगा के मैदानी क्षेत्रों में नमी का स्तर काफी बढ़ गया है, जिससे पूरे प्रदेश में व्यापक बारिश का दौर शुरू हो गया है.
आम जनता और किसानों के लिए एडवाइजरी
- यातायात व सुरक्षा: खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. बारिश और जलभराव की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें.
- किसान भाइयों के लिए: खेतों में जल निकासी (Drainage) की उचित व्यवस्था रखें. धान, मक्का, गन्ना, दलहन और सब्जियों की फसल में पानी जमा होने से नुकसान हो सकता है. भारी बारिश के दौरान खेतों में कीटनाशक या उर्वरकों का छिड़काव न करें.