Samrat Hotel Club False Ceiling Collapse: दिल्ली के सम्राट होटल के क्लब में बड़ा हादसा, फॉल सीलिंग गिरने से 3 लोग जख्मी
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Samrat Hotel Club False Ceiling Collapse:  देश की राजधानी के हाई-प्रोफाइल चाणक्यपुरी इलाके में स्थित 'सम्राट होटल' (Hotel Samrat) से एक दुर्घटना की खबर सामने आई है. होटल परिसर में संचालित एक क्लब में अचानक फॉल सीलिंग (False Ceiling) का एक हिस्सा नीचे गिर गया. इस हादसे के वक्त क्लब में मौजूद तीन लोग मलबे की चपेट में आने से घायल हो गए. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया.

देर रात मची अफरा-तफरी

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना देर रात की है जब क्लब में मेहमानों की आवाजाही जारी थी. अचानक छत का एक बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा, जिससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि शुरुआत में लोग समझ ही नहीं पाए कि क्या हुआ है. सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत बिजली की सप्लाई काटी और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला.  यह भी पढ़े: Delhi Building Collapse: दिल्ली के पहाड़गंज में निर्माणाधीन इमारत गिरी, 2 लोगों की मौत; राहत बचाव कार्य जारी (Watch Video)

घायलों की स्थिति और उपचार

हादसे में घायल हुए तीनों व्यक्तियों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों के अनुसार, घायलों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं. हालांकि, उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने अभी तक घायलों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन बताया जा रहा है कि वे दिल्ली के ही रहने वाले हैं और क्लब में पार्टी के लिए आए थे.

पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है. शुरुआती जांच में संरचनात्मक खामी (Structural Defect) या रखरखाव में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या क्लब के पास सभी आवश्यक सुरक्षा प्रमाणपत्र और फायर क्लीयरेंस मौजूद थे. होटल प्रबंधन और क्लब संचालक से इस संबंध में पूछताछ की जा रही है.

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

लुटियंस दिल्ली के इतने सुरक्षित और प्रतिष्ठित होटल में इस तरह का हादसा होना सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है. चाणक्यपुरी जैसे संवेदनशील इलाके में, जहां कई दूतावास और वीवीआईपी आवास हैं, इस तरह की लापरवाही को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि पुरानी इमारतों में फॉल सीलिंग का नियमित ऑडिट न होना अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनता है.