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बुलडोजर मुद्दे पर जनता का मिजाज बदला, कार्रवाई रोके जाने के पक्ष में लोग- सर्वे

कुछ समय पहले, जब सीवोटर ने आईएएनएस की ओर से उम्र, शिक्षा, आय और जातीय भेद के सभी भारतीयों के बीच एक जनमत सर्वे कराया, तो हर चार में से तीन से अधिक भारतीयों ने योजना बनाने या दंगों में शामिल लोगों के घरों को बुलडोजर चलाने की कार्रवाई में योगी आदित्यनाथ सरकार का समर्थन किया था.

बुलडोजर मुद्दे पर जनता का मिजाज बदला, कार्रवाई रोके जाने के पक्ष में लोग- सर्वे
सीएम योगी (Photo Credits ANI)

नई दिल्ली, 16 जून : कुछ समय पहले, जब सीवोटर ने आईएएनएस की ओर से उम्र, शिक्षा, आय और जातीय भेद के सभी भारतीयों के बीच एक जनमत सर्वे कराया, तो हर चार में से तीन से अधिक भारतीयों ने योजना बनाने या दंगों में शामिल लोगों के घरों को बुलडोजर चलाने की कार्रवाई में योगी आदित्यनाथ सरकार का समर्थन किया था. लेकिन इस मुद्दे पर जनता का मूड बदल रहा है, क्योंकि बहुमत अब इस तर्क का समर्थन कर रहा है कि बुलडोजर की कार्रवाई को रोका जाना चाहिए. समय के साथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने 'बुलडोजर बाबा' के रूप में ख्याति प्राप्त कर ली है, एक उपनाम जिसका उपयोग 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान भी किया गया था.

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट और कुछ उच्च न्यायालयों के कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के साथ-साथ कुछ वरिष्ठ सेवानिवृत्त पुलिस और सशस्त्र बलों के कर्मियों की व्यापक निंदा ने इस मुद्दे पर आम भारतीय के फैसले को बदल दिया है. 14 जून को किए गए नए सर्वे के अनुसार, अधिकांश लोग अब बुलडोजर की गतिविधियों को रोकना चाहते हैं. उत्तरदाताओं से पूछा गया कि क्या दंगा और अन्य अपराधों के आरोपियों के घरों और संपत्तियों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर की कार्रवाई को रोका जाना चाहिए. कुल मिलाकर लगभग 56 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस तर्क का समर्थन किया, जबकि लगभग 44 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने बुलडोजर कार्रवाई जारी रखने के पक्ष में दिखे. वहीं, 62 प्रतिशत से अधिक विपक्षी समर्थक कार्रवाई पर रोक लगाना चाहते हैं, जबकि लगभग 48 प्रतिशत एनडीए समर्थकों ने समान भावना साझा की. यह भी पढ़ें :प्रधानमंत्री जी, बेरोजगार युवाओं के संयम की ‘अग्निपरीक्षा’ मत लीजिए: राहुल गांधी

अधिकांश आलोचना इस आरोप पर आधारित है कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून की उचित प्रक्रिया का पालन नहीं कर रही है और संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने से पहले संबंधित अदालतों की मंजूरी ले रही है. सरकार का कहना है कि वह उचित प्रक्रिया का पालन कर रही है और राज्य में 3 जून और 10 जून को हुए दंगों से बहुत पहले लोगों को नोटिस दिया था. 18 से 24 आयु वर्ग के 65 प्रतिशत लोगों ने 'विध्वंस रोको' की मांग का समर्थन किया, जबकि 55 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में समर्थन घटकर केवल 41 प्रतिशत रह गया.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 16, 2022 02:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).