India's New ePassport: भारत में शुरू हुआ चिप वाले ई-पासपोर्ट का दौर; जानिए इसके फीचर्स, फायदे और आवेदन करने का पूरा तरीका

भारत सरकार ने देश भर में अत्याधुनिक तकनीक से लैस चिप-आधारित ई-पासपोर्ट (ePassport) रोलआउट कर दिया है। यह नया पासपोर्ट पारंपरिक कागजी बुकलेट और डिजिटल सुरक्षा का एक बेहतरीन कॉम्बिनेशन है। विदेश मंत्रालय के 'पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम 2.0' (PSP V2.0) के तहत अब नए आवेदकों और रिन्यू कराने वालों को यह बायोमेट्रिक पासपोर्ट जारी किया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा और भी सुरक्षित और आसान हो जाएगी.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: भारतीय नागरिकों के अंतरराष्ट्रीय यात्रा अनुभव को अधिक सुरक्षित और डिजिटल रूप से उन्नत बनाने के लिए भारत सरकार ने देश भर में चिप-सक्षम ई-पासपोर्ट (Chip-Enabled ePassport) का वितरण शुरू कर दिया है. विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा हाल ही में मनाए गए पासपोर्ट सेवा दिवस के दौरान इस बात की पुष्टि की गई कि यह बदलाव देश के पासपोर्ट सिस्टम इतिहास के सबसे बड़े अपग्रेड्स में से एक है. अब जो भी नागरिक नए पासपोर्ट के लिए या पुराने पासपोर्ट को दोबारा जारी (Reissue) कराने के लिए आवेदन कर रहे हैं, उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम केंद्रों द्वारा यह नया ई-पासपोर्ट प्रदान किया जा रहा है. हालांकि, राहत की बात यह है कि इस नई व्यवस्था के आने के बावजूद आवेदन करने की मूल प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यह भी पढ़ें: Passport Price Hike: आम जनता पर बढ़ा बोझ, 1 जुलाई से महंगा हो जाएगा भारतीय पासपोर्ट; विदेश मंत्रालय ने जारी की नई दरों की सूची

क्या है नया ई-पासपोर्ट (ePassport)?

ई-पासपोर्ट मूल रूप से आपके पारंपरिक कागजी पासपोर्ट और एक इलेक्ट्रॉनिक यात्रा दस्तावेज का मिला-जुला रूप है. इस नई बुकलेट के भीतर एक विशेष रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) चिप और एक बेहद बारीक इलेक्ट्रॉनिक एंटीना लगाया गया है.

इस इनबिल्ट माइक्रोचिप में पासपोर्ट धारक के व्यक्तिगत विवरण जैसे कि नाम, जन्मतिथि के साथ-साथ बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट और डिजिटल फोटो) को सुरक्षित रूप से एन्क्रिप्टेड (सुरक्षित कोड) फॉर्म में स्टोर किया जाता है. ई-पासपोर्ट की पहचान इसके मुख्य कवर पेज पर नीचे की तरफ छपे एक छोटे, सुनहरे रंग के डिजिटल चिप सिंबल (लोगो) से की जा सकती है.

सुरक्षा के मामले में कितना एडवांस है यह सिस्टम?

ई-पासपोर्ट का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह यात्री की पहचान और डेटा की गोपनीयता को कई गुना बढ़ा देता है. चूंकि आपकी पूरी जानकारी पन्नों पर छपने के साथ-साथ डिजिटल चिप में भी मौजूद होती है, इसलिए दुनिया भर के हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन अधिकारी दोनों डेटा का मिलान कर सकते हैं.

यह तकनीक पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI) सोल्यूशन और अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के वैश्विक मानकों पर आधारित है. इस वजह से इस पासपोर्ट के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, फर्जीवाड़ा, डुप्लीकेसी या नकली पासपोर्ट बनाना पूरी तरह से नामुमकिन हो जाता है.

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यात्रा होगी और भी तेज

तकनीकी रूप से अपग्रेड होने के बावजूद, यात्रियों के लिए इसका उपयोग करने का तरीका बिल्कुल सामान्य रहेगा. विदेशों में या भारत के आधुनिक इमिग्रेशन काउंटरों पर लगे 'ऑटोमेटेड ई-गेट्स' (Automated E-Gates) पर यात्रियों को केवल अपना पासपोर्ट स्कैनर पर टैप या प्लेस करना होगा. चिप और स्कैनर के बीच होने वाले सुरक्षित संपर्क से महज कुछ ही सेकंड्स में यात्री का वेरिफिकेशन पूरा हो जाएगा, जिससे लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा.

क्या वर्तमान पासपोर्ट धारकों के लिए यह अनिवार्य है?

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों के पास पहले से ही वैध (Valid) पारंपरिक पासपोर्ट मौजूद हैं, उन्हें इसे बदलने की कोई जल्दबाजी या अनिवार्यता नहीं है. भारत सरकार द्वारा जारी किए गए सभी मौजूदा पासपोर्ट उनकी समाप्ति तिथि (Expiry Date) तक कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य रहेंगे. नागरिकों को ई-पासपोर्ट स्वतः ही तब जारी किया जाएगा जब वे अपने पुराने पासपोर्ट के एक्सपायर होने पर री-इश्यू के लिए आवेदन करेंगे या एक नया (Fresh) पासपोर्ट बनवाएंगे.

ई-पासपोर्ट के लिए आवेदन कैसे करें?

ई-पासपोर्ट प्राप्त करने की प्रक्रिया हुबहू सामान्य पासपोर्ट जैसी ही है। आवेदकों को इन चरणों का पालन करना होगा:

  1. पंजीकरण: सबसे पहले पासपोर्ट सेवा की आधिकारिक ऑनलाइन वेबसाइट (Passport Seva Online Portal) पर जाकर अपना नया अकाउंट रजिस्टर्ड करें.
  2. फॉर्म भरना: लॉग-इन करने के बाद 'Apply for Fresh Passport/Re-issue of Passport' के विकल्प पर क्लिक कर फॉर्म में अपनी सही जानकारी दर्ज करें.
  3. फीस का भुगतान: आवेदन जमा करने के बाद निर्धारित पासपोर्ट शुल्क का ऑनलाइन माध्यम (UPI, नेट बैंकिंग या कार्ड) से भुगतान करें.
  4. अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग: अपने नजदीकी पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) के लिए उपलब्ध तारीख और समय का स्लॉट बुक करें.
  5. दस्तावेज़ सत्यापन: तय तिथि पर चुने गए केंद्र पर जाएं, जहां आपके मूल दस्तावेजों (जैसे आधार, पैन) की जांच होगी और आपका नया बायोमेट्रिक डेटा लिया जाएगा.

एक बार प्रक्रिया पूरी होने और पुलिस वेरिफिकेशन सफल होने के बाद, नासिक स्थित इंडिया सिक्योरिटी प्रेस में तैयार किया गया यह आधुनिक चिप वाला ई-पासपोर्ट सीधे आपके घर के पते पर स्पीड पोस्ट द्वारा भेज दिया जाएगा.

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