Tejas Express: आज से फिर पटरी पर दौड़ेगी तेजस एक्सप्रेस, यात्रियों को करना होगा इन COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन
देश में कोविड-19 (COVID-19) के संक्रमण को देखते हुए IRCTC ने तेजस एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. ट्रेन में सोशल डिस्ट्रेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा. साथ ही ट्रेनों में लोगों के बीच सुरक्षित दूरी सुनिश्चित करने के लिए एक-एक सीट को खाली रखा जाएगा.
नई दिल्ली: कोरोना महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच 7 महीनों से बंद तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) आज से फिर पटरी पर दौड़ने लगेगी. लखनऊ-नई दिल्ली (ट्रेन नंबर -82501 / 82502) और अहमदाबाद-मुंबई (ट्रेन नंबर -82902 / 82901) सेवाएं 19 मार्च से बंद होने के लगभग 7 महीने बाद शनिवार से फिर शुरू होंगी. इन दो तेजस एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) करती है. हालांकि, तीसरी आईआरसीटीसी संचालित ट्रेन, इंदौर और वाराणसी के बीच काशी महाकाल एक्सप्रेस अभी अपनी सेवाएं शुरू नहीं करेगी. कोरोना महामारी संकट के बीच तेजस एक्सप्रेस में यात्रा अब पहले की तरह नहीं होगी.
देश में कोविड-19 (COVID-19) के संक्रमण को देखते हुए IRCTC ने तेजस एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. ट्रेन में सोशल डिस्ट्रेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा. साथ ही ट्रेनों में लोगों के बीच सुरक्षित दूरी सुनिश्चित करने के लिए एक-एक सीट को खाली रखा जाएगा. ट्रेन में प्रत्येक यात्री को एक COVID-19 प्रोटेक्शन किट दी जाएगी. जिसमें एक मास्क, एक सैनिटाइजर की बॉटल, एक फेस शील्ड और एक जोड़ी ग्लव्स होंगे. यात्रियों के ट्रेन में सवार होने से पहले उनके शरीर के तापमान की जांच की जायेगी. रेलवे ने 2022 तक पूर्ण विद्युतीकरण लक्ष्य के बावजूद इलेक्ट्रिक इंजनों की जरूरत का आकलन नहीं किया: कैग.
यात्रियों को इन कोविड -19 प्रोटोकॉल का करना होगा पालन
- सोशल डिस्ट्रेंसिंग सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक अल्टरनेट सीट को खाली रखा जाएगा.
- सभी यात्री कोच में प्रवेश करने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग और हैंड सैनिटाइजिंग की प्रक्रिया से गुजरेंगे.
- यात्रियों को अपनी सीटों को बदलने की अनुमति नहीं दी होगी.
- यात्रियों और कर्मचारियों के लिए फेस कवर / मास्क का उपयोग अनिवार्य होगा.
- सभी यात्रियों को आरोग्य सेतु संपर्क ट्रेसिंग ऐप इंस्टॉल करना होगा और मांग के अनुसार इसे दिखाना होगा.
- पैंट्री एरिया और लैवेटरी सहित कोच को नियमित अंतराल पर पूरी तरह से कीटाणुरहित किया जाएगा. यात्रियों और यात्रियों के सामान को डिसइन्फेक्टेड किया जाएगा.
- कोच के अंदर बार-बार छुए जाने वाले सतह की सफाई की जाएगी. सर्विस ट्रे और ट्रॉलियों को भी कीटाणुरहित किया जाएगा.
कोरोना संकट के बीच अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस प्राइवेट ट्रैन तेजस में यात्रियों को सोशल डिस्टनसिंग और कोरोना के नियमों का पूरा पालन करना होगा. बता दें कि IRCTC ने लखनऊ-दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस को 4 अक्टूबर, 2019 को और अहमदाबाद-मुंबई-अहमदाबाद को इसी साल 19 जनवरी को शुरू किया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 17, 2020 11:28 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

