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Tata Mumbai Marathon 2026: दौड़ के उत्साह के बीच शोर पर भड़के मुंबईकर, सुबह 5:30 बजे तेज संगीत को लेकर सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़

मुंबई में आयोजित टाटा मुंबई मैराथन 2026 के दौरान रविवार तड़के बज रहे तेज संगीत ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी. वर्ली और तटीय क्षेत्रों के निवासियों ने सोशल मीडिया पर शोर को लेकर आयोजकों के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया है.

Tata Mumbai Marathon 2026: दौड़ के उत्साह के बीच शोर पर भड़के मुंबईकर, सुबह 5:30 बजे तेज संगीत को लेकर सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़
टाटा मुंबई मैराथन (Photo Credits: X/@rahouldaswani)

Tata Mumbai Marathon 2026: भारत के सबसे प्रतिष्ठित खेल आयोजनों में से एक, टाटा मुंबई मैराथन 2026 (Tata Mumbai Marathon 2026) यानी टीएमएम (TMM) का 21वां संस्करण रविवार, 18 जनवरी को आयोजित हुआ. जहां एक ओर इस दौड़ ने भागीदारी के नए रिकॉर्ड बनाए, वहीं दूसरी ओर शहर के कई हिस्सों में ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution) को लेकर बड़ा सार्वजनिक विरोध भी देखने को मिला. मुंबई (Mumbai) के रिहायशी इलाकों में रहने वाले नागरिकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (Social Media Platform) 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर सुबह-सुबह होने वाले अत्यधिक शोर और तेज संगीत को लेकर गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं. यह भी पढ़ें: Tata Mumbai Marathon 2025: सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे का फैसला, 19 जनवरी को मुंबई मैराथन के दिन चलाएगी स्पेशल लोकल ट्रेनें, चेक डिटेल्स

तड़के 5:30 बजे से शुरू हुआ शोर

रविवार की सुबह जब शहर सो रहा था, तब कई घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मैराथन से संबंधित गतिविधियों के कारण शोर शुरू हो गया. स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह 5:30 बजे से ही लाउडस्पीकरों पर बहुत तेज आवाज में संगीत बजना शुरू हो गया था.

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस बात पर हैरानी जताई कि रिहायशी इलाकों में इतने तड़के इतने उच्च स्तर के शोर की अनुमति कैसे दी गई. निवासियों ने सवाल उठाया कि जहां पारंपरिक त्योहारों पर शोर के सख्त नियम लागू होते हैं, वहीं मैराथन जैसी व्यावसायिक गतिविधियों को इतनी छूट क्यों दी जा रही है.

वर्ली और कोस्टल रोड क्षेत्र में नाराजगी

सबसे अधिक आक्रोश वर्ली और नए बने कोस्टल रोड (Coastal Road) के आसपास के इलाकों में देखा गया। यहां रहने वाले लोगों ने मैराथन के संगीत को ‘भयानक’ और ‘असहनीय’ करार दिया.

  • मरीजों और बुजुर्गों को परेशानी: लोगों का कहना था कि दौड़ के लिए इतने ऊंचे शोर की आवश्यकता नहीं थी.
  • नागरिक शिष्टाचार की कमी: स्थानीय नागरिकों ने तर्क दिया कि आयोजकों को उन लोगों का भी ध्यान रखना चाहिए था जो मैराथन में भाग नहीं ले रहे थे, विशेष रूप से बुजुर्गों और आसपास के अस्पतालों में भर्ती मरीजों का.

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69,000 से अधिक प्रतिभागियों का रिकॉर्ड

विवादों के बीच, इस वर्ष मैराथन ने सफलता के नए आयाम भी छुए. टाटा मुंबई मैराथन 2026 के लिए रिकॉर्ड 69,000 से अधिक धावकों ने पंजीकरण कराया. इसमें ऑन-ग्राउंड भाग लेने वाले धावकों के साथ-साथ वर्चुअल माध्यम से जुड़ने वाले लोग भी शामिल थे. यह संख्या दर्शाती है कि यह आयोजन अब एक स्थानीय दौड़ से बढ़कर वैश्विक रनिंग कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है.

जो लोग व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सके, उनके लिए इस कार्यक्रम का व्यापक मीडिया कवरेज किया गया. मैराथन का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स चैनल और सोनी लिव (SonyLIV) ऐप पर किया गया, जिससे लाखों लोगों ने घर बैठे इस प्रतियोगिता का आनंद लिया.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 18, 2026 09:51 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).