तमिलनाडु पुलिस ने तिरुनेलवेली जिले में हिंसा को रोकने के लिए 8 टीमों का गठन किया
पुलिस ने कहा कि तमिलनाडु पुलिस ने तिरुनेलवेली जिले में शांति बनाए रखने के लिए आठ विशेष टीमों का गठन किया है, जिन्होंने इस सप्ताह अब तक दो जातीय हत्याओं सहित पांच हत्याओं की सूचना दी है. तिरुनेलवेली के पुलिस अधीक्षक, मणिवन्नन ने आईएएनएस को बताया कि पुलिस ने कुछ हत्याओं के बाद लोगों के बीच शांति और सामाजिक सद्भाव लाने के लिए आठ विशेष टीमों का गठन किया है.
चेन्नई, 17 सितम्बर: पुलिस ने कहा कि तमिलनाडु (Tamil Nadu) पुलिस ने तिरुनेलवेली (Tirunelveli) जिले में शांति बनाए रखने के लिए आठ विशेष टीमों का गठन किया है, जिन्होंने इस सप्ताह अब तक दो जातीय हत्याओं सहित पांच हत्याओं की सूचना दी है. तिरुनेलवेली के पुलिस अधीक्षक, मणिवन्नन ने आईएएनएस को बताया कि पुलिस ने कुछ हत्याओं के बाद लोगों के बीच शांति और सामाजिक सद्भाव लाने के लिए आठ विशेष टीमों का गठन किया है. शंकर सुब्रमण्यम (37), एससी समुदाय के एक गिरोह द्वारा कथित तौर पर 2013 में एससी सदस्य, मंथिराम की हत्या के प्रतिशोध में एक हिंदू जाति के व्यक्ति का सिर काट दिया गया. पुलिस के अनुसार, मृतक के सिर को मंथिराम की कब्र पर रखा गया. शंकर सुब्रमण्यम की हत्या और उसके सिर को काटकर सोमवार की रात मंथीराम की कब्र पर रख देने से पूरे इलाके में सदमे की लहर दौड़ गई. यह भी पढ़े:Noida: कई फैक्टरी में चोरी करने के दो आरोपी गिरफ्तार
बुधवार की सुबह प्रतिशोध में कथित जाति हिंदू समुदाय के सदस्यों के एक समूह ने एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति, मरियप्पन (35) का सिर कलम कर दिया और उस स्थान पर अपना सिर रख दिया जहां शंकर सुब्रमण्यम की हत्या हुई थी. पुलिस के अनुसार मरियप्पन 2014 के जाति हत्या मामले में आरोपी था. शंकर सुब्रमण्यम की हत्या के मामले में पुलिस ने कोथनकुलम के मंथीराम के बेटे महाराजा (20) समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है. मरियप्पन की हत्या में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एक स्थानीय सरकारी कर्मचारी सेंथिल राज ने आईएएनएस को बताया कि पुलिस की भारी तैनाती के बावजूद जवाबी कार्रवाई हुई. शांति के एक दौर के बाद, तिरुनेलवेली में जाति के आधार पर हत्याएं वापस आ गई हैं. पुलिस को इसे रोकना होगा.
इस मसले में सरकार को कड़ा रुख अपनाना चाहिए. इसमें शामिल सभी लोगों को सलाखों के पीछे डालें और उनमें से किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति न दें. यह केले का गणतंत्र नहीं है, यह एक चुनी हुई सरकार है. जिले में तीन अन्य हत्याएं भी हुईं, जिसमें अब्दुल खादर (45) की हत्या शथनकुलम के एक साहूकार की हत्या के प्रतिशोध में की गई. पोंडुराई (71) की उसके दामाद कृष्णन ने हत्या कर दी थी. थंगनपंडी (32) की उसके पड़ोसियों ने हत्या कर दी थी. जिससे सोमवार से जिले में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है. राज्य में कई जगहों पर जाति एक प्रमुख कारक है और कुछ इलाकों में ऊंची जाति के हिंदू उपनिवेशों को दलित उपनिवेशों से अलग करने के लिए बड़ी दीवारें खड़ी कर दी गई हैं. तमिलनाडु के कुछ इलाकों में, दलितों को उन होटलों में चाय तक नहीं दी जाती है, जहां सवर्ण हिंदुओं का आना-जाना लगा रहता था.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2021 03:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

