Tamil Nadu: आवारा कुत्तों में माइक्रोचिप लगाने पर विचार कर रहा तमिलनाडु
तमिलनाडु पशुपालन विभाग जन्म नियंत्रण कार्यक्रम से गुजरने वाले आवारा कुत्तों में माइक्रोचिप लगाने की संभावना पर विचार कर रहा है. यह कदम पशु अधिकार कार्यकर्ताओं के जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के चलते कुत्तों पर स्वास्थ्य संबंधी असर पर लगाई गई याचिका के बाद उठाया गया है.
- Read in
- English
Tiruchirappalli : तमिलनाडु (Tamil Nadu) पशुपालन विभाग जन्म नियंत्रण कार्यक्रम से गुजरने वाले आवारा कुत्तों में माइक्रोचिप लगाने की संभावना पर विचार कर रहा है. यह कदम पशु अधिकार कार्यकर्ताओं के जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के चलते कुत्तों पर स्वास्थ्य संबंधी असर पर लगाई गई याचिका के बाद उठाया गया है. तिरुचि नगर निगम, जो आवारा कुत्तों की नसबंदी में तेजी से काम कर रहा है, ने पहले ही इस मामले पर राज्य के पशुपालन विभाग में याचिका दायर की है. गौरतलब है कि तिरुचि निगम आवारा कुत्तों की प्रतिदिन 60 की दर से नसबंदी कर रहा है और इसे बढ़ाकर 120 प्रतिदिन करना है.
तिरुचि निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कुत्तों के जन्म नियंत्रण कार्यक्रम से गुजरने के बाद आवारा कुत्तों को स्वास्थ्य समस्या न हो. वर्तमान विधि नियंत्रण उपाय इन आवारा कुत्तों और उनकी स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में कोई जानकारी नहीं देते हैं, इसलिए आवारा कुत्तों के शरीर में माइक्रोचिप्स डालने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं. तिरुचि निगम चावल के दाने के आकार के माइक्रोचिप्स डालने और रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम पर काम करने की योजना बना रहा है। बता दें कि एक हैंडहेल्ड स्कैनर कुत्ते का विवरण प्रदान करेगा. यह भी पढ़े: Maharashtra: रायगढ़ के खोपोली में बस और कंटेनर की टक्कर में 1 की मौत, 10 घायल
राज्य पशुपालन विभाग जन्म नियंत्रण कार्यक्रम से गुजर चुके आवारा कुत्तों में माइक्रोचिप को लागू करने को हरी झंडी देने से पहले पशु चिकित्सकों और पशु कार्यकर्ताओं सहित विशेषज्ञों की एक बैठक आयोजित करने की योजना बना रहा है. तिरुचि की एक पशु स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुधा रानी (41) ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, हम लगातार निगम और राज्य के पशु स्वास्थ्य विभाग से उन आवारा कुत्तों की स्वास्थ्य स्थिति पर अध्ययन करने के लिए याचिका दायर कर रहे हैं, जिनका जन्म नियंत्रण कार्यक्रम हुआ है. निगम के अधिकारियों ने मुझे बताया कि वे इन कुत्तों में माइक्रोचिप लगाने पर विचार कर रहे हैं. इस पर एक विशेषज्ञ समिति बनायी जाएगी और फिर इस पर फैसला लिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि अगर इन माइक्रोचिप्स को लगाने से कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं होती है, तो यह उन कुत्तों के स्वास्थ्य के मुद्दों को समझने का एक अच्छा तरीका होगा, जो जन्म नियंत्रण कार्यक्रम से गुजरे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 19, 2022 02:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

