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SC On Primary School Teachers Recruitment: सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिक विद्यालय शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बीएड उम्‍मीदवारों को बाहर रखने के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्देश पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में चल रही प्राथमिक विद्यालय शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बीएड उम्‍मीदवारों को बाहर रखने के छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अंतरिम निर्देश पर मंगलवार को रोक लगा दी

SC On Primary School Teachers Recruitment: सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिक विद्यालय शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बीएड उम्‍मीदवारों को बाहर रखने के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्देश पर रोक लगाई
(Photo Credits: Twitter)

नई दिल्ली, 30 अगस्त: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में चल रही प्राथमिक विद्यालय शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से बीएड उम्‍मीदवारों को बाहर रखने के छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अंतरिम निर्देश पर मंगलवार को रोक लगा दी न्यायमूर्ति ए.एस. बोप्पना और प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने उच्च न्यायालय के 21 अगस्त के अंतरिम आदेश पर रोक लगाते हुए कहा, "यह ध्यान में रखते हुए कि भर्ती प्रक्रिया जो प्रगति पर थी, अब (उच्च न्यायालय के) विज्ञापन-अंतरिम आदेश से बाधित हो गई है... इस स्तर पर भर्ती प्रक्रिया को बाधित करना उचित नहीं होगा.

पीठ ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया, जो उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश से पहले चल रही थी, जारी रहेगी लेकिन की गई नियुक्तियां उसके अंतिम निर्णय के परिणाम के अधीन होंगी शीर्ष अदालत ने कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट उसके समक्ष लंबित याचिकाओं पर फैसला करेगा और यदि आवश्यक हुआ, तो वह बीएड डिग्री वाले उम्मीदवारों को पक्षकार के रूप में शामिल करने की अनुमति दे सकता है. यह भी पढ़े: WRI Election: भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव पर रोक बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से किया इनकार

21 अगस्त को उच्च न्यायालय ने डी.एड. धारक सफल उम्मीदवारों के एक उपसमूह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख तक यानी 4 सप्ताह की अवधि के लिए बीएड उम्मीदवारों के संबंध में भर्ती प्रक्रिया को स्थगित कर दिया उच्च न्यायालय द्वारा आक्षेपित आदेश पारित करने के अगले दिन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा एक विज्ञापन के माध्यम से 23 अगस्त से 30 अगस्त के बीच काउंसलिंग की सूचना दी गई थी.

विशेष अनुमति याचिका में दावा किया गया कि उच्च न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले की गलत व्याख्या की, जिसने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा बीएड को अनिवार्य बनाने के लिए जारी 2018 की अधिसूचना को रद्द कर दिया था वकील मनोज गोरकेला के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को संभावित रूप से लागू किया जाएगा.

इसमें कहा गया कि 22 अगस्त को जारी किया गया विज्ञापन अवैध है, क्योंकि मामला अदालत में है और सफल बीएड अभ्यर्थियों को शामिल किए बिना काउंसलिंग शुरू नहीं की जा सकती याचिका में कहा गया, "इस प्रकार (उच्च न्यायालय के) विवादित आदेश के अस्तित्व में आने से... अन्य सभी मेधावी बीएड उम्मीदवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि उन्होंने अपना पूरा शैक्षणिक वर्ष परीक्षा की तैयारी में बिताया है, जिससे गंभीर परिणाम होंगे। इससे उनके जीवन और आजीविका को नुकसान होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 30, 2023 12:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).