Pune Same-Sex Marriage: पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस विभाग की दो महिला कांस्टेबल एक-दूसरे को दे बैठीं दिल, शादी के लिए विभाग से मांगी छुट्टी
प्रशिक्षण के बाद दोनों कांस्टेबलों की तैनाती पुलिस मुख्यालय में हुई थी, जिसके बाद वे एक साथ रहने लगीं. समय के साथ उनके बीच संबंध प्रगाढ़ हुए और उन्होंने शादी करने का फैसला किया. हालांकि, इनमें से एक महिला कांस्टेबल के परिवार ने इस रिश्ते और शादी का विरोध किया है.
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Pune Same-Sex Marriage: पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्तालय (PCPC) में कार्यरत दो महिला कांस्टेबलों ने 30 अगस्त को पुणे के आलंदी में वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह करने के लिए छुट्टी का आवेदन दिया है. शादी के कार्ड के साथ जमा किए गए इस आवेदन के बाद मामला पुलिस विभाग के संज्ञान में आया है. दोनों महिला पुलिसकर्मी महाराष्ट्र के अलग-अलग जिलों से हैं और 2018 में स्वतंत्र पुलिस आयुक्तालय के गठन के बाद सेवा में शामिल हुई थीं.
संबंध और पारिवारिक हस्तक्षेप
प्रशिक्षण के बाद दोनों कांस्टेबलों की तैनाती पुलिस मुख्यालय में हुई थी, जिसके बाद वे एक साथ रहने लगीं. समय के साथ उनके बीच संबंध प्रगाढ़ हुए और उन्होंने शादी करने का फैसला किया. हालांकि, इनमें से एक महिला कांस्टेबल के परिवार ने इस रिश्ते और शादी का विरोध किया है. परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग की. वरिष्ठ अधिकारियों ने परिजनों को स्पष्ट किया कि दो वयस्क नागरिकों के निजी संबंधों को विभाग रोक नहीं सकता, हालांकि आवश्यकता पड़ने पर काउंसलिंग की सुविधा दी जा सकती है.
दो महिला कांस्टेबल एक दूसरे से करेंगी शादी
Two women police constables in Maharashtra’s Pimpri-Chinchwad plan a Vedic wedding ceremony in Alandi on August 30. Their leave applications came with a wedding invitation, while one family has opposed the relationship. Same-sex marriage has no statutory recognition in India. pic.twitter.com/CRcsroFQwF
— Varad Bhatkhande | Journalist (@VaradBhatkhande) August 24, 2026
जेंडर ट्रांजिशन और कानूनी स्थिति
मामले से जुड़ा एक अन्य पहलू यह है कि दोनों कांस्टेबलों में से एक वर्तमान में जेंडर-ट्रांजिशन (लिंग परिवर्तन) की चिकित्सा प्रक्रिया से गुजर रही है. उसने उपचार के लिए मुंबई के एक प्रमुख अस्पताल का दौरा किया है. दोनों यह भी तलाश कर रही हैं कि क्या प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी शादी को कानूनी रूप से पंजीकृत किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त, पिंपरी-चिंचवड आयुक्तालय में ही बीड़ से स्थानांतरित एक अन्य कर्मचारी का जेंडर परिवर्तन के बाद आधिकारिक सेवा रिकॉर्ड अपडेट करने का आवेदन भी प्रशासनिक स्तर पर विचाराधीन है.
संवैधानिक और कानूनी दायरा
भारत में वयस्कों के बीच सहमति से समलैंगिक संबंध पूरी तरह से वैध हैं, लेकिन समलैंगिक विवाह को मौजूदा कानूनों के तहत वैधानिक मान्यता प्राप्त नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2023 के फैसले में स्पष्ट किया था कि समलैंगिक जोड़ों को विवाह का मौलिक अधिकार नहीं दिया जा सकता और कानूनी ढांचे में बदलाव का अधिकार संसद के पास है. हालांकि, अदालत ने विषमलैंगिक संबंधों (heterosexual relationships) में शामिल ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को मौजूदा विवाह कानूनों के तहत शादी करने की अनुमति दी है. इस आधार पर आलंदी में प्रस्तावित यह समारोह एक निजी धार्मिक अनुष्ठान के रूप में आयोजित हो सकता है, लेकिन यह वैधानिक वैवाहिक दर्जा प्रदान नहीं करेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 24, 2026 04:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

