Special Session of Odisha Assembly: ओडिशा विधानसभा का विशेष सत्र, 30 अप्रैल को लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर होगी चर्चा

महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में पारित न होने के बाद उपजे राजनीतिक विवाद के बीच, ओडिशा सरकार ने 30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है. इस सत्र में भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भूमिका और प्रतिनिधित्व पर गहन चर्चा की जाएगी.

ओडिशा विधानसभा (Photo Credits: IANS)

Special Session of Odisha Assembly:  देश में महिला आरक्षण विधेयक (Women's Reservation Bill) को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच, ओडिशा विधानसभा (Odisha Legislative Assembly) का एक दिवसीय विशेष सत्र 30 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा. इस सत्र का मुख्य एजेंडा 'भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी' (Women's Participation in Indian Democracy) पर चर्चा करना है. शुक्रवार को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, 17वीं विधानसभा के इस सत्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (भाजपा) के साथ-साथ विपक्षी दल बीजद (BJD) और कांग्रेस भी शामिल होंगे. यह भी पढ़ें: Women's Reservation Bill 2026: 'आइए मिलकर इतिहास रचें', महिला आरक्षण बिल पर वोटिंग से पहले पीएम मोदी की विपक्ष से भावुक अपील

राजनीतिक गर्माहट और विशेष सत्र का उद्देश्य

हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित संवैधानिक संशोधन विधेयक के गिर जाने के बाद से भाजपा और विपक्षी दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. ओडिशा सरकार ने इस सत्र के माध्यम से महिलाओं के विधायी प्रतिनिधित्व और उनके राजनीतिक सशक्तिकरण पर एक औपचारिक मंच प्रदान करने का निर्णय लिया है.

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा, 'यह केवल एक विधेयक की हार नहीं है, बल्कि देश की माताओं और बहनों के सपनों की हत्या है. कांग्रेस और अन्य दल महिलाओं को केवल वोट बैंक समझते हैं, जबकि हमारी सरकार उनके वास्तविक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है.'

सड़कों पर उतरी महिलाएं: जन आक्रोश रैली

विधेयक के विफल होने के विरोध में और महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए भाजपा ने बुधवार को भुवनेश्वर में 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' का आयोजन किया था. इस विशाल रैली में समाज के विभिन्न वर्गों की लगभग 50,000 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया. भाजपा ने घोषणा की है कि वह और उसके सहयोगी दल पूरे देश में विपक्ष के "महिला विरोधी मानसिकता" को उजागर करने के लिए आंदोलन करेंगे.

इसी कड़ी में, 24 और 25 अप्रैल को राज्य के सभी संगठनात्मक जिलों में 'महिला आक्रोश सम्मेलन' भी आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि इस मुद्दे को जन-जन तक पहुँचाया जा सके. यह भी पढ़ें: क्या है महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक का विवाद?

क्यों अटका महिला आरक्षण बिल?

गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा में आवश्यक बहुमत न मिलने के कारण आगे नहीं बढ़ाया जा सका. केंद्र सरकार का तर्क है कि विपक्ष के असहयोग के कारण यह ऐतिहासिक कदम रुक गया, जबकि विपक्षी दलों के अपने तर्क और आपत्तियां थीं. अब ओडिशा विधानसभा का यह विशेष सत्र इस मुद्दे पर राज्य के राजनीतिक रुख को स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

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