Silver Rate Today, January 17, 2026: रिकॉर्ड स्तर से लुढ़की चांदी, एक ही दिन में ₹3,200 की गिरावट; जानें दिल्ली-मुंबई से चेन्नई तक के ताजा भाव
भारतीय बाजार में रिकॉर्ड तेजी के बाद शनिवार, 17 जनवरी को चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. कल के ₹2.95 लाख के ऐतिहासिक स्तर से गिरकर चांदी अब ₹2,91,900 प्रति किलोग्राम पर आ गई है। जानें अपने शहर का ताजा भाव.
Silver Rate Today, January 17, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले एक सप्ताह से जारी चांदी (Silver) की बेतहाशा तेजी पर शनिवार, 17 जनवरी को ब्रेक लग गया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली (Profit Booking) के चलते चांदी की कीमतों (Silver Rate) में आज ₹3,200 प्रति किलोग्राम की बड़ी गिरावट देखी गई. कल ₹2,95,100 के ऐतिहासिक शिखर को छूने के बाद, आज हाजिर चांदी ₹2,91,900 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही है. बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट एक 'हेल्दी करेक्शन' है, क्योंकि इस महीने की शुरुआत से अब तक चांदी लगभग 22 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़त हासिल कर चुकी है.
औद्योगिक मांग बनी हुई है तेजी का मुख्य आधार
कीमतों में आज आई मामूली गिरावट के बावजूद, चांदी का भविष्य अभी भी बेहद मजबूत (Bullish) नजर आ रहा है. साल 2026 में चांदी की कीमतों में आई इस सुनामी के पीछे सबसे बड़ा कारण 'ग्रीन इकोनॉमी' है.
- सोलर और इलेक्ट्रिक व्हीकल: हाई-एफिशिएंसी सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की बैटरियों में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है.
- सप्लाई-डिमांड गैप: वैश्विक उत्पादन लक्ष्यों में वृद्धि के कारण चांदी की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है, जो इसकी कीमतों को नीचे गिरने से रोक रहा है.
प्रमुख शहरों में आज के चांदी के भाव (प्रति किलोग्राम)
भारत के दक्षिणी राज्यों में चांदी की मांग पारंपरिक रूप से अधिक होने के कारण वहां कीमतें अभी भी ₹3 लाख के स्तर के ऊपर बनी हुई हैं.
| शहर | आज का भाव (17 जनवरी) | कल का भाव (16 जनवरी) |
| दिल्ली / मुंबई | ₹2,91,900 | ₹2,95,100 |
| चेन्नई / हैदराबाद | ₹3,05,900 | ₹3,10,100 |
| बेंगलुरु / पुणे | ₹2,91,900 | ₹2,95,100 |
| अहमदाबाद / कोलकाता | ₹2,91,900 | ₹2,95,100 |
| केरल | ₹3,05,900 | ₹3,10,100 |
भविष्य का अनुमान: क्या ₹3.50 लाख तक जाएगी चांदी?
शादियों के सीजन के बीच बढ़ती कीमतों ने खुदरा खरीदारों की जेब पर बोझ जरूर डाला है, लेकिन संस्थागत निवेशक इसे मुद्रास्फीति (Inflation) के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश मान रहे हैं.
- प्रतिरोध स्तर: तकनीकी संकेत बताते हैं कि लघु अवधि में चांदी को ₹3,00,000 के स्तर पर कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है.
- 2026 का लक्ष्य: कई प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने अपने अनुमानों को बढ़ा दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि औद्योगिक आपूर्ति की कमी इसी तरह बनी रही, तो 2026 के अंत तक चांदी ₹3.50 लाख प्रति किलोग्राम के आंकड़े को भी पार कर सकती है.