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भोपाल का ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज सवालों के घेरे में; 90 डिग्री मोड़ से बढ़ी हादसे की आशंका (See Pics)

स्थानीय निवासी और सोशल मीडिया यूजर्स इसे “डिजाइन की चूक” बता रहे हैं, जो तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने वालों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. लोगों का कहना है कि इस तीखे मोड़ पर गाड़ियां फिसल सकती हैं या दीवार से टकरा सकती हैं, खासकर रात के समय या बारिश में.

भोपाल का ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज सवालों के घेरे में; 90 डिग्री मोड़ से बढ़ी हादसे की आशंका (See Pics)

भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार रेलवे ओवरब्रिज (RoB) 15 जून से आम जनता के लिए खोलने की तैयारी में है. करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से बना यह पुल, क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का दावा कर रहा है, लेकिन इसके 90 डिग्री के तीखे मोड़ ने लोगों में हादसों की आशंका बढ़ा दी है. ओवरब्रिज का लगभग 95 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी चिंता एक असामान्य 90 डिग्री का मोड़ है.

स्थानीय निवासी और सोशल मीडिया यूजर्स इसे “डिजाइन की चूक” बता रहे हैं, जो तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने वालों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. लोगों का कहना है कि इस तीखे मोड़ पर गाड़ियां फिसल सकती हैं या दीवार से टकरा सकती हैं, खासकर रात के समय या बारिश में.

इंजीनियरिंग विभाग की सफाई: "जमीन की कमी थी"

इस पर लोक निर्माण विभाग के ब्रिज विभाग के प्रमुख इंजिनियर वी. डी. वर्मा ने कहा कि इस क्षेत्र में मेट्रो स्टेशन के कारण जमीन की उपलब्धता सीमित थी. इसलिए पुल को इस तरीके से डिजाइन करना मजबूरी बन गया. उनका कहना है कि, "यह पुल केवल छोटे वाहनों के लिए बनाया गया है. भारी वाहनों को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं होगी. पुल पर सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाएगा और वाहन की गति को भारतीय सड़क कांग्रेस के दिशा-निर्देशों के अनुसार सीमित किया जाएगा."

90 डिग्री मोड़: सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल

एकदम 90 डिग्री का मोड

कैसे होगा फायदा? जानिए ओवरब्रिज की खास बातें

यह ओवरब्रिज 648 मीटर लंबा और 8.5 मीटर चौड़ा है, जिसे करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. इसका उद्देश्य पुराने ऐशबाग रेलवे क्रॉसिंग को बदलना है, ताकि लोगों को रेलवे फाटक पर रुकने या लंबा चक्कर लगाने की आवश्यकता न पड़े. इस पुल के चालू होने से महमाई का बाग, पुष्पा नगर और स्टेशन क्षेत्र से नव-भोपाल की ओर कनेक्टिविटी काफी आसान हो जाएगी. अनुमान है कि रोजाना लगभग 3 लाख लोग इस ओवरब्रिज से लाभान्वित होंगे. यह पुल स्थानीय लोगों के लिए समय की बचत और सुविधाजनक आवागमन का नया विकल्प प्रदान करेगा.

विवादों के बीच शहरी विकास मंत्री की नाराजगी

शहरी विकास मंत्री विश्वास सारंग ने हाल ही में साइट का निरीक्षण किया और देरी को लेकर नाराजगी जताई. उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए. उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही ऐशबाग स्टेडियम और आसपास के इलाकों की पार्किंग और पहुंच सुविधाओं को भी अपग्रेड किया जाएगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 11, 2025 11:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).