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Heatwave in India: देश में भीषण हीटवेव का प्रकोप! अगले 5-7 दिनों तक जारी रहेगा टॉर्चर, दक्षिण यूपी, विदर्भ और आंध्र प्रदेश में 'रेड अलर्ट' जारी

भारत के उत्तर, मध्य और पश्चिमी राज्यों में भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) का जानलेवा प्रकोप जारी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले 5 से 7 दिनों तक इस स्थिति के बने रहने की चेतावनी दी है. दक्षिण उत्तर प्रदेश, विदर्भ और तटीय आंध्र प्रदेश के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है. उत्तर प्रदेश का बांदा जिला 47.6°C तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया है.

Heatwave in India: देश में भीषण हीटवेव का प्रकोप! अगले 5-7 दिनों तक जारी रहेगा टॉर्चर, दक्षिण यूपी, विदर्भ और आंध्र प्रदेश में 'रेड अलर्ट' जारी
भीषण गर्मी का प्रकोप (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली, 23 मई: देश के उत्तर, मध्य और पश्चिमी हिस्सों में चिलचिलाती धूप और भीषण लू (Heatwave) का प्रकोप लगातार गहराता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) (IMD) ने शनिवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में अगले 5 से 7 दिनों तक गंभीर हीटवेव की स्थिति से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. बढ़ते खतरे को देखते हुए मौसम विभाग ने दक्षिण उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के लिए 'रेड अलर्ट' (Severe Red Alert) जारी किया है, जबकि पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों को 'ऑरेंज अलर्ट' पर रखा गया है. यह भी पढ़ें: Heatwave Alert: दिल्ली-NCR में भीषण गर्मी का सितम, आज 46°C छू सकता है पारा, IMD ने अगले 5 दिनों के लिए जारी किया 'ऑरेंज अलर्ट'

यूपी का बांदा सबसे गर्म, दोपहर में बंद किए गए ट्रैफिक सिग्नल

उत्तर प्रदेश का बांदा जिला इस समय देश का सबसे तप्त स्थान बन चुका है, जहां अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. भीषण गर्मी और सीधी धूप के कारण वाहन चालकों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने एक अनोखा और ऐतिहासिक कदम उठाया है. दोपहर के सबसे गर्म घंटों के दौरान चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नलों को अस्थायी रूप से 'फ्री फ्लो' मोड पर डाल दिया गया है (यानी रेड लाइट बंद कर दी गई है), ताकि राहगीरों को तपती धूप में सड़कों पर न रुकना पड़े.

अपर पुलिस अधीक्षक (Banda) शिवराज प्रजापति ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को विशेष स्कार्फ और छाते दिए गए हैं. इसके साथ ही, पैदल यात्रियों और प्रवासियों के लिए प्रमुख चौराहों पर अस्थायी शेल्टर (तंबू और छांव की व्यवस्था) का निर्माण किया गया है.

दिल्ली-NCR में पारा 45°C पार, पंजाब में स्कूलों का समय बदला

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी गर्मी ने अपने तेवर कड़े कर रखे हैं. दिल्ली के रिज (Ridge) स्टेशन पर अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. इसके अलावा अयानगर में 44.5°C, पालम और लोधी रोड में 44.3°C तथा सफदरजंग मौसम केंद्र पर पारा 43.6°C दर्ज किया गया.  मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दिल्ली-एनसीआर में अगले एक सप्ताह तक तापमान 44 से 46 डिग्री के बीच बना रहेगा.

इधर, पंजाब सरकार ने भीषण लू को देखते हुए एहतियाती आपातकालीन कदम उठाए हैं. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि आगामी सोमवार, 25 मई से राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों और सभी निजी व सरकारी स्कूलों का समय घटाकर सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक कर दिया गया है. गुजरात के राजकोट में भी पारा 43°C को छू रहा है, जिसके बाद नगर निगम ने बुजुर्गों और बच्चों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है.

पहाड़ों में मामूली राहत, देहरादून तपा

मैदानी इलाकों में जहां हाहाकार मचा है, वहीं उत्तराखंड के मैदानी शहरों जैसे देहरादून और हरिद्वार में भी तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है. हालांकि, देहरादून मौसम केंद्र के निदेशक सी.एस. तोमर के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. वहीं, हिमाचल प्रदेश के शिमला और आसपास के इलाकों में पिछले 24 घंटों में तापमान में 6 से 8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे वहां पर्यटकों को थोड़ी राहत मिली है. यह भी पढ़ें: Weather Forecast Today, May 22, 2026: दिल्ली समेत उत्तर भारत में भीषण लू का प्रकोप; मुंबई में उमस और दक्षिण के राज्यों में बारिश का अलर्ट

डॉक्टरों की चेतावनी: हीट स्ट्रोक में 60% मृत्यु दर का खतरा

इस भीषण मौसमी संकट के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने देशवासियों से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है. फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हार्ट इंस्टीट्यूट (नई दिल्ली) के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. अनूप पुरकायस्थ ने बताया कि जब थर्मामीटर पर पारा 42-43°C दिखाता है, तो वास्तविक उमस के कारण शरीर पर इसका असर (Real-feel Heat Index) 46 से 48 डिग्री सेल्सियस जैसा होता है. ऐसी स्थिति में उल्टी, चक्कर आना, भ्रम और दौरे पड़ सकते हैं, जिसे मेडिकल भाषा में 'हीट स्ट्रोक' कहते हैं. यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है.

आरएमएल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के निदेशक प्रोफेसर डॉ. अजय चौहान ने चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए कहा, "इस सीजन में हीट स्ट्रोक के गंभीर मरीज अस्पताल में भर्ती होना शुरू हो गए हैं. यह स्थिति भले ही आम न हो, लेकिन इसमें मृत्यु दर (Mortality Rate) 60 प्रतिशत या उससे अधिक होती है। इसलिए बचाव ही एकमात्र उपाय है."

बचाव के लिए जरूरी गाइडलाइन:

  • सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें.
  • हल्के रंग के, ढीले और सांस लेने योग्य सूती (कॉटन) कपड़े पहनें.
  • प्यास न लगने पर भी लगातार पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस या नींबू पानी पीते रहें.
  • बाहर काम करने वाले मजदूर हर 45 मिनट में कम से कम 15 मिनट के लिए किसी पेड़ या इमारत की छांव में आराम जरूर करें.

(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2026 08:43 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).