जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति में सुधार, आतंकी घटनाओं में 15 फीसदी की गिरावट
केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति में काफी सुधार हुआ है. गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, "अगस्त 2019 से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में काफी सुधार हुआ है और आतंकवादी घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट आई है."
केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति में काफी सुधार हुआ है. गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, "अगस्त 2019 से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में काफी सुधार हुआ है और आतंकवादी घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट आई है."
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत किया गया है और सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ में भी काफी कमी आई है.
सरकार की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस साल आतंकी घटनाओं में 15 फीसदी की गिरावट आई है. वर्ष 2020 के दौरान 244 आतंक से संबंधित घटनाएं दर्ज की गईं, जो वर्तमान वर्ष में 5 दिसंबर तक घटकर 206 रह गईं है. इन आंकड़ों में जम्मू-कश्मीर सशस्त्र पुलिस की 9वीं बटालियन की एक बस पर सोमवार को किया गया कायरतापूर्ण आतंकी हमला शामिल नहीं है, जिसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए और 12 अन्य घायल हो गए.
सरकार के अनुसार, आतंकवादियों की ओर से की जाने वाली घुसपैठ में भी 45 प्रतिशत की काफी कमी आई है. 2020 में 51 आतंकियों ने भारत में घुसपैठ की, जबकि इस साल यह संख्या घटकर 28 रह गई.
मंत्री ने कहा कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर के विकास को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. केंद्र द्वारा विकासात्मक पहलों का विवरण साझा करते हुए, राय ने कहा कि प्रधानमंत्री विकास पैकेज-2015 के तहत केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में कार्यान्वित की जा रही परियोजनाओं की प्रगति में तेजी लाई गई है.
सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, कौशल विकास आदि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में 58,477 करोड़ रुपये की लागत से 15 मंत्रालयों से संबंधित कुल 53 परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं, जिनमें से 21 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और शेष 32 परियोजनाएं प्रगति के उन्नत चरण में हैं.
मंत्री ने कहा, "जम्मू और कश्मीर डिवीजनों में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पर 2000 करोड़ रुपये की लागत से प्रत्येक पर काम चल रहा है, इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश में 7 अन्य मेडिकल कॉलेज हैं. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जम्मू और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जम्मू को कार्यात्मक बनाया गया है."
उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के तहत 1,37,870 लोगों को कवर किया गया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 14, 2021 08:28 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

