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सुन्नी वक्फ बोर्ड के फैसले से अयोध्या के संत व मुस्लिम पक्षकार खुश

राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर न करने के सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के ऐलान के बाद से अयोध्या के संत और पक्षकार खुश नजर आ रहे हैं. राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष एवं शीर्ष पीठ मणिरामदास जी की छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा, "यह बहुत हर्ष का विषय है. सुन्नी वक्फ बोर्ड के फैसले का स्वागत किया जाना चाहिए.

सुन्नी वक्फ बोर्ड के फैसले से अयोध्या के संत व मुस्लिम पक्षकार खुश
राम मंदिर निर्माण के लिए लाएं गए पत्थर (Photo Credits: IANS)

राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर न करने के सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के ऐलान के बाद से अयोध्या के संत और पक्षकार खुश नजर आ रहे हैं. राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष एवं शीर्ष पीठ मणिरामदास जी की छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा, "यह बहुत हर्ष का विषय है. सुन्नी वक्फ बोर्ड के फैसले का स्वागत किया जाना चाहिए. बोर्ड के रुख से यह स्पष्ट हो रहा है कि न केवल सुप्रीम कोर्ट, बल्कि पूरा देश राम मंदिर के हक में खड़ा हो रहा है." हनुमान गढ़ी के महंत राजूदास ने आईएएनएस से कहा, "सुन्नी वक्फ बोर्ड का यह फैसला स्वागत योग्य है. वह भी राम मंदिर निर्माण में हमारा सहयोग कर रहे हैं. उनके लिए अयोध्या में चौरासी कोसी के बाहर चाहे जहां मस्जिद की जमीन मांगेंगे, दिल खोलकर सहयोग किया जाएगा."

उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा याचिका दायर किए जाने को नसमाझी करार दिया. वहीं, मुस्लिम पक्षकार मो़ इकबाल अंसारी ने कहा, "सुन्नी वक्फ बोर्ड का फैसला निश्चित ही स्वागत योग्य है. हमें विवाद छोड़कर मुल्क की तरक्की के लिए आगे बढ़ना चाहिए. यह एक अच्छी पहल है." रामवल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमारदास ने कहा, निर्णय आने के बाद मुस्लिमों ने इसे सहर्ष स्वीकार किया था और अब सुन्नी मुस्लिमों की संस्था ने याचिका दायर न करने का फैसला किया है, इससे देश में एकता और सौहार्द का संदेश जाता है. यह भी पढ़ें- राममंदिर को लेकर अर्नगल बयानबाजी पर विहिप ने लगाई पाबंदी

निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास के अनुसार, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड का यह फैसला निहायत अच्छा है. वह निर्णय आने से पूर्व फैसले को स्वीकार करने का एलान करते रहे और अब उसे स्वीकार कर यह जता दिया कि वह सांप्रदायिक भेद-भाव से ऊपर देश के जिम्मेदार नागरिक हैं. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा, "यह दौर विवाद से ऊपर उठकर सृजन-संवाद का है और मुस्लिम पक्ष ने इस सच्चाई को समझा, इसके लिए हम बतौर भारतवासी उनके प्रति अत्यंत कृतज्ञ हैं."

अयोध्या में राम जन्मभूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड कोई चुनौती नहीं देगा. लखनऊ में बोर्ड की बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई है. इसके साथ ही कार्यालय में हुई बैठक में पांच एकड़ जमीन को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हो सका है. बैठक में शामिल सात में से छह सदस्यों की राय पर निर्णय हुआ कि बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगा. याचिका के पक्ष में सिर्फ रज्जाक रहे.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 27, 2019 07:12 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).