Sagar Liquor Tragedy: मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब ने ली 8 लोगों की जान, 3 की हालत गंभीर
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित ग्रामीणों को उल्टी, घबराहट और आंखों के सामने अंधेरा छाने की शिकायत के बाद बंडा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में डॉक्टरों ने शुरुआती परीक्षण के बाद ही आठ लोगों को मृत घोषित कर दिया.
Sagar Liquor Tragedy: मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां संदिग्ध जहरीली शराब पीने से आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोगों की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है. यह मामला जिले की बंडा तहसील के अंतर्गत आने वाले गूगल, नौराज और बराज सहित आसपास के चार गांवों का है. शनिवार रात शराब का सेवन करने के बाद अचानक ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया.
अस्पताल पहुंचते ही तोड़ा दम
पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित ग्रामीणों को उल्टी, घबराहट और आंखों के सामने अंधेरा छाने की शिकायत के बाद बंडा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में डॉक्टरों ने शुरुआती परीक्षण के बाद ही आठ लोगों को मृत घोषित कर दिया. यह भी पढ़े: Tamil Nadu: विलुप्पुरम् में जहरीली शराब पीने से तीन की मौत, 11 अस्पताल में भर्ती
सागर के पुलिस अधीक्षक (SP) अनुराग सुजानिया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्राथमिक जांच में मौतों की वजह संदिग्ध जहरीली शराब का सेवन प्रतीत हो रही है. तीन मरीजों को गंभीर स्थिति में भर्ती किया गया है, जिनका आपातकालीन वार्ड में गहन इलाज जारी है.
जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल और एसपी अनुराग सुजानिया पुलिस बल के साथ स्थिति का जायजा लेने बंडा सिविल अस्पताल पहुंचे. प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त चिकित्सा टीमों को तैनात कर दिया है.
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने प्रभावित गांवों और आसपास के इलाकों के निवासियों से विशेष अपील जारी की है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पिछले 24 से 48 घंटों के भीतर शराब का सेवन किया है और उन्हें किसी भी तरह की शारीरिक असहजता या विषाक्तता के लक्षण महसूस हो रहे हैं, वे बिना देरी किए तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या बंडा सिविल अस्पताल पहुंचकर अपनी चिकित्सकीय जांच कराएं.
पुलिस जांच और आबकारी विभाग की कार्रवाई
घटना के बाद स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग की टीमों ने गांव और आसपास के इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी है. अवैध शराब के स्रोतों और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) का पता लगाने के लिए जांच टीम गठित की गई है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौतों के सटीक रासायनिक कारण की पुष्टि हो सके.