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Sadbhavana Diwas 2025: राजीव गांधी की जयंती को समर्पित दिन, पूर्व पीएम के योगदान को किया जाता है याद

भारत में प्रत्येक वर्ष 20 अगस्त को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती को समर्पित है, जिनका जन्म 1944 में आज ही के दिन मुंबई (तब बम्बई) में हुआ था. सद्भावना दिवस का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, शांति, और सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देना है, जो राजीव गांधी के जीवन और कार्यों का मूलमंत्र था.

Sadbhavana Diwas 2025: राजीव गांधी की जयंती को समर्पित दिन, पूर्व पीएम के योगदान को किया जाता है याद

नई दिल्ली, 20 अगस्त : भारत में प्रत्येक वर्ष 20 अगस्त को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती को समर्पित है, जिनका जन्म 1944 में आज ही के दिन मुंबई (तब बम्बई) में हुआ था. सद्भावना दिवस का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, शांति, और सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देना है, जो राजीव गांधी के जीवन और कार्यों का मूलमंत्र था. राजीव गांधी भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने 1984 में अपनी मां इंदिरा गांधी की हत्या के बाद मात्र 40 वर्ष की आयु में देश की बागडोर संभाली.

उनके कार्यकाल (1984-1989) में भारत ने शिक्षा, तकनीकी विकास, और आर्थिक सुधारों में महत्वपूर्ण प्रगति की. उनकी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा दिया, जबकि तकनीकी क्षेत्र में कंप्यूटर क्रांति की नींव रखी. राजीव गांधी ने देश की विविध आबादी के बीच एकता और शांति को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए, जिसके लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है. राजीव गांधी को "आधुनिक भारत का निर्माता" माना जाता है. उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), दूरसंचार और विज्ञान के क्षेत्र में क्रांति लाने की दिशा में कदम उठाए. भारत में कंप्यूटर क्रांति और टेलीकॉम नेटवर्क के विस्तार का श्रेय उन्हें दिया जाता है. बोफोर्स घोटाले के आरोपों ने उनकी सरकार की छवि को प्रभावित किया, जिसके कारण 1989 के आम चुनाव में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा. यह भी पढ़ें : Onam 2025: कब और क्यों मनाया जाता है ओणम पर्व? जानें इस पर्व का महत्व, इतिहास एवं 10 दिवसीय कार्यक्रमों की सूची!

वे अपने सरल और आधुनिक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते थे, जिसने भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दी. उनकी सरकार ने मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष की, जिससे युवाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ी. 1992 में कांग्रेस द्वारा स्थापित राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार इस दिन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है, जिन्होंने शांति और सौहार्द के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया. सद्भावना दिवस न केवल राजीव गांधी के योगदान को याद करने का अवसर है बल्कि यह देशवासियों को एकजुट होकर शांति और सौहार्द के लिए कार्य करने की प्रेरणा भी देता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 20, 2025 08:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).