Russia-Ukraine War: भारत सरकार का बड़ा फैसला, यूक्रेन में फंसे पड़ोसी देश के लोगों को भी निकालने में मदद करेगा
केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर, हरदीप सिंह पुरी, जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह, किरण रिजिजू, पीयूष गोयल और ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने सोमवार शाम यूक्रेन (Ukraine) की स्थिति पर तीसरी उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि विभिन्न देशों में सरकार के विशेष दूत के रूप में चार वरिष्ठ मंत्रियों की यात्रा से निकासी प्रक्रिया को बढ़ावा मिलेगा. मोदी ने कहा कि यह कदम सरकार द्वारा इस मामले को दी जाने वाली प्राथमिकता को दर्शाता है. साथ ही, दुनिया के एक परिवार होने के भारत (India) के आदर्श वाक्य के अनुरूप प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पड़ोसी देशों और विकासशील देशों के लोगों की मदद करेगा, जो यूक्रेन में फंसे हुए हैं और सहायता मांग रहे हैं. Russia Ukraine War: पीएम नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन संकट को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की
यूक्रेन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए 'ऑपरेशन गंगा' के तहत चल रहे प्रयासों की समीक्षा के लिए दिन के दूसरे दिन उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मोदी ने कहा कि पूरी सरकारी मशीनरी यह सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है. यूक्रेन में भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि मानवीय संकट से निपटने के लिए यूक्रेन को राहत सामग्री की पहली खेप मंगलवार को भेजी जाएगी. यूक्रेन की स्थिति पर पिछले 24 घंटों में यह तीसरी समीक्षा बैठक थी.
प्रधानमंत्री को बताया गया कि बुडापेस्ट (हंगरी) और बुखारेस्ट (रोमानिया) से छह उड़ानों से अब तक लगभग 1,400 भारतीय नागरिक यूक्रेन से आ चुके हैं, जबकि 182 और मंगलवार सुबह मुंबई पहुंचेंगे.
मोदी को यह भी बताया गया कि मोल्दोवा से बाहर निकलने के लिए एक नए मार्ग की पहचान की गई है और इस देश में भारतीयों के प्रवेश की सुविधा के लिए रोमानिया में भारतीय दूतावास के कर्मचारियों द्वारा उचित व्यवस्था की जा रही है.
मोदी ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को भारत के लिए प्रस्थान करने तक पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और रोमानिया जाने वाले छात्रों के लिए उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया.
केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर, हरदीप सिंह पुरी, जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह, किरण रिजिजू, पीयूष गोयल और ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला और अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे.
सोमवार की सुबह मोदी ने एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जहां उन्हें 'ऑपरेशन गंगा' के तहत निकासी मिशन की प्रगति के बारे में बताया गया. बैठक में निर्णय लिया गया कि चार केंद्रीय मंत्री यूक्रेन के पड़ोसी देशों में विशेष दूत के रूप में निकासी प्रक्रिया की निगरानी के लिए जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक, ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया और मोल्दोवा, किरेन रिजिजू स्लोवाकिया, हरदीप सिंह पुरी हंगरी और वीके सिंह पोलैंड जा रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 28, 2022 11:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

