दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने धर्मातरण के आरोपी यूपी के शख्स से सार्वजनिक रूप से मारपीट की

धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने के आरोपों के बीच दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक रूप से एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई कर दी. अफ्तर नाम के शख्स को न केवल पीटा गया बल्कि उससे 'जय श्री राम' का नारा भी लगावाया गया. यह घटना बुधवार को कानपुर के वरुण विहार इलाके में हुई.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: IANS)

कानपुर (यूपी), 13 अगस्त : धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने के आरोपों के बीच दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक रूप से एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई कर दी. अफ्तर नाम के शख्स को न केवल पीटा गया बल्कि उससे 'जय श्री राम' का नारा भी लगावाया गया. यह घटना बुधवार को कानपुर के वरुण विहार इलाके में हुई. लेकिन यह तब प्रकाश में आया, जब एक वीडियो क्लिप वायरल हो गया, जिसमें पीड़ित की नाबालिग बेटी को रोते हुए और भीड़ से अपने पिता को बख्शने की भीख मांगते हुए दिखाया गया. बाद में अफ्तर को पुलिस के हवाले कर दिया गया, लेकिन पुलिस द्वारा उसे ले जाने के बाद भी कार्यकर्ताओं ने उसके साथ मारपीट जारी रखी.

अफ्तर के परिवार के सदस्यों के अनुसार, बजरंग दल के सदस्यों ने बुधवार शाम को उनके घर में घुसकर एक हिंदू महिला को जबरन इस्लाम में बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया. इसके बाद भीड़ उसे सड़क पर ले गई, जहां उसकी परेड कराई गई और पीटा गया. इस बीच अफ्तर के पड़ोस की एक महिला ने आरोप लगाया है कि वह और उसका परिवार उस पर इस्लाम कबूल करने के लिए दबाव बना रहे थे. उसने दावा किया कि पुलिस से भी संपर्क किया और शिकायत दर्ज की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा, "वे मुझे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर रहे हैं और मुझे 20,000 रुपये की पेशकश भी की है. मैंने उनके खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की. मैंने आखिरकार बजरंग दल से संपर्क किया. यह भी पढ़ें : Raj Kundra Case: अश्लील फिल्म मामले में पुलिस ने राज कुंद्रा की कंपनी का एक निदेशक किया गिरफ्तार

बजरंग दल के जिला आयोजक दिलीप सिंह ने स्वीकार किया कि उनके संगठन ने अफ्तर के खिलाफ 'कार्रवाई' की थी. उन्होंने कहा, "दो दिन पहले हमने पुलिस में धर्म परिवर्तन की शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन उन्होंने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की. चूंकि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, इसलिए हमने कार्रवाई की." अफ्तर के परिवार ने दावा किया कि बजरंग दल के सदस्यों ने उन्हें इलाका छोड़ने की धमकी दी है. परिजनों ने महिला के आरोपों को निराधार बताया. इस बीच, पुलिस उपायुक्त (डीसीपी-दक्षिण कानपुर) रवीना त्यागी ने कहा, "हमने कुछ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है. इस मामले की जांच की जा रही है और हमले के फुटेज को स्कैन किया जा रहे हैं."

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