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Ram Temple Donation Row: अरविंद केजरीवाल का बड़ा ऐलान, देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाएगी आम आदमी पार्टी; केंद्र पर लगाया बड़े चेहरों को बचाने का आरोप (Watch)

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर चंदा चोरी विवाद को लेकर देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू करने की घोषणा की है. यह अभियान आगामी रविवार को दिल्ली के रोहिणी स्थित जापानी पार्क में 'सुंदरकांड' पाठ के बाद आधिकारिक रूप से शुरू होगा, जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक औपचारिक अपील पर जनता के हस्ताक्षर लिए जाएंगे.

Ram Temple Donation Row: अरविंद केजरीवाल का बड़ा ऐलान, देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान चलाएगी आम आदमी पार्टी; केंद्र पर लगाया बड़े चेहरों को बचाने का आरोप (Watch)
अरविंद केजरीवाल (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को एक संवाददाता सम्मेलन (प्रेस कॉन्फ्रेंस) में बड़ा ऐलान किया है. केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) निर्माण के चंदे में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं और "चंदा चोरी विवाद" (Donation Theft Controversy) को लेकर देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू करने जा रही है. इस अभियान के माध्यम से जनता से हस्ताक्षर कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी. मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर इस मामले में बेहद प्रभावशाली और रसूखदार चेहरों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया और नागरिकों से इस कथित वित्तीय हेरफेर के खिलाफ सामूहिक रूप से आवाज उठाने का आह्वान किया. यह भी पढ़ें: Arvind Kejriwal On Alleged Ram Temple Theft: '200 करोड़ रुपये कैश और हीरे गायब, आखिर किसे बचाया जा रहा है?', राम मंदिर में कथित चोरी को लेकर अरविंद केजरीवाल का BJP पर हमला; देखें वीडियो

रोहिणी के जापानी पार्क में सुंदरकांड पाठ से होगी शुरुआत

आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के अनुसार, इस मुहिम की आधिकारिक शुरुआत आगामी रविवार को दिल्ली के रोहिणी स्थित 'जापानी पार्क' में आयोजित होने वाले एक भव्य 'सुंदरकांड' पाठ के साथ की जाएगी.

धार्मिक अनुष्ठान की समाप्ति के बाद पार्टी कार्यकर्ता और नेता इस अभियान को जमीन पर उतारेंगे.  इस अभियान के तहत देश भर के नागरिकों से एक औपचारिक अपील पत्र पर हस्ताक्षर एकत्र किए जाएंगे, जिसे बाद में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए सौंपा जाएगा.

'छोटे कर्मचारियों को जेल भेजा, बड़े ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं'

अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि इस कथित महाघोटाले से जुड़े पुख्ता और दस्तावेजी सबूत सार्वजनिक डोमेन में आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद देश की प्रमुख जांच एजेंसियां इन्हें पूरी तरह नजरअंदाज कर रही हैं. उन्होंने जारी आधिकारिक जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान कार्रवाई केवल बड़े चेहरों को बचाने और सारा दोष निचले स्तर के कर्मचारियों पर मढ़ने के उद्देश्य से की जा रही है.

केजरीवाल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा:

"तमाम अहम दस्तावेजों के खुले में होने के बावजूद कोई उचित जांच नहीं की जा रही है, न ही इस मामले में कोई मुख्य प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है और न ही किसी वरिष्ठ अधिकारी या रसूखदार को गिरफ्तार किया गया है."

उन्होंने आगे कहा कि हालांकि इस मामले में आठ निचले स्तर के छोटे-मोटे कर्मियों को पकड़कर जेल जरूर भेजा गया है, लेकिन जो लोग बड़े ठेकों (कॉन्ट्रैक्ट्स) को क्रियान्वित कर रहे थे, उनसे अभी तक कोई पूछताछ नहीं की गई है. इसके साथ ही, आप प्रमुख ने आरोप लगाया कि परियोजना पर काम कर रहे कुछ इंजीनियरों ने निर्माण निविदाओं (टेंडर्स) में 40 प्रतिशत तक कमीशन मांगे जाने की शिकायतें की हैं, जो मंदिर के विकास कार्यों के चारों ओर फैले कथित व्यवस्थागत भ्रष्टाचार को उजागर करती हैं.

केजरीवाल ने राम मंदिर 'चंदा चोरी' के आरोपों को लेकर केंद्र पर निशाना साधा 

जमीन खरीद और फंड प्रबंधन से जुड़ा है मुख्य विवाद

अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित किए गए फंड के प्रबंधन को लेकर चल रहा यह विवाद पिछले कुछ हफ्तों में लगातार गहराया है, जिसने विभिन्न विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा दे दिया है. यह मामला सबसे पहले तब तूल पकड़ा जब विपक्षी नेताओं ने जमीन खरीद की प्रक्रियाओं और फंड के इस्तेमाल में बड़े पैमाने पर हेराफेरी के शुरुआती आरोप सार्वजनिक किए थे.

बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच, इस पूरे वित्तीय लेनदेन और भूमि रजिस्ट्रियों की प्रक्रिया की जांच के लिए पूर्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था. इसके बाद, आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों ने जांच अधिकारियों से मुलाकात कर जमीन की बढ़ी हुई कीमतों (इन्फ्लेटेड लैंड रजिस्ट्री) और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के दावों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपे थे. हालांकि, राम मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों ने लगातार इन आरोपों का खंडन किया है और उनका कहना है कि आंतरिक ऑडिट में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या विसंगति सामने नहीं आई है. इसके बावजूद विपक्ष इस जांच की गति और पारदर्शिता पर लगातार सवाल खड़े कर रहा है.

स्वतंत्र न्यायिक जांच की बढ़ती मांग

आम आदमी पार्टी द्वारा शुरू किया जा रहा यह नया हस्ताक्षर अभियान इस पूरे चंदा विवाद की निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग को और तेज करने की एक रणनीतिक कोशिश है. केजरीवाल ने तर्क दिया कि एक औपचारिक प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के बिना मौजूदा जांच केवल एक 'दिखावा' साबित हो रही है, क्योंकि वर्तमान टीम के पास आवश्यक कानूनी अधिकार और सख्ती बरतने की शक्ति नहीं है.

आप नेताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी जीवन भर की व्यक्तिगत जमा-पूंजी और बचत को श्रद्धापूर्वक इस मंदिर के निर्माण के लिए दान किया है. ऐसे में जनता के भरोसे को बहाल करने और जनता द्वारा दिए गए हर एक संसाधन का पूरा व पारदर्शी हिसाब सुनिश्चित करने के लिए एक उच्च स्तरीय और स्वतंत्र जांच बेहद अनिवार्य है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2026 02:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).