Arvind Kejriwal On Alleged Ram Temple Theft: '200 करोड़ रुपये कैश और हीरे गायब, आखिर किसे बचाया जा रहा है?', राम मंदिर में कथित चोरी को लेकर अरविंद केजरीवाल का BJP पर हमला; देखें वीडियो

Arvind Kejriwal on Alleged Ram Temple Theft: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा किए गए वीडियो संदेश और पोस्ट में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चढ़ावे से करीब 200 करोड़ रुपये नकद, कई डिब्बे हीरे और आभूषण गायब हो गए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक पुलिस में कोई एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई है. यह भी पढ़ें:

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है. उन्होंने आरोप लगाया कि उसी मंदिर से करोड़ों रुपये के चढ़ावे की चोरी हो गई, लेकिन अब तक एक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई. उन्होंने पूछा कि आखिर सरकार किसे बचाने की कोशिश कर रही है. केजरीवाल ने कहा कि इस कथित पाप में शामिल लोग चाहे कितने भी बड़े क्यों न हों, उन्हें सीधे जेल भेजा जाना चाहिए.

AAP प्रमुख ने यह भी सवाल उठाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और उत्तर प्रदेश पुलिस ने अब तक इस मामले में स्वतंत्र रूप से कोई छापेमारी या जांच क्यों शुरू नहीं की. उन्होंने दावा किया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है. केजरीवाल के अनुसार, जांच एजेंसियां इसलिए पीछे हट रही हैं क्योंकि इस मामले में कुछ बड़े नाम सामने आ सकते हैं.

यह विवाद एक राष्ट्रीय समाचार पत्र की रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें मंदिर ट्रस्ट के कुछ कर्मचारियों पर कथित वित्तीय गड़बड़ियों और चढ़ावे के धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए थे. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस के कई नेताओं ने भी मंदिर ट्रस्ट के फंड और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर चिंता व्यक्त की है.

'बिना FIR के 200 करोड़ रुपये कैसे गायब हो सकते हैं?'

बढ़ते विवाद के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 जून को मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था. इस समिति में वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस और वित्त विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है. समिति को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में राजनीतिक दलों और आम नागरिकों से अपील की थी कि वे इस मामले पर ऐसी बयानबाजी से बचें जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हों. उन्होंने सभी पक्षों से आधिकारिक एसआईटी रिपोर्ट आने तक इंतजार करने का आग्रह किया है. फिलहाल जांच जारी है और सभी की नजरें एसआईटी की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं.