Raj Thackeray Slams Vishwas Nangre Patil: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने नागपुर के नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल पर तीखा हमला बोला है. राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी को किसी संगठन के प्रति इतना ही प्रेम है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए और सीधे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) या भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो जाना चाहिए. यह विवाद विश्वास नांगरे पाटिल के एक वायरल वीडियो के बाद शुरू हुआ है, जिसमें वे 'सकल हिंदू समाज' के एक कार्यक्रम में आरएसएस और उसके संस्थापक की सराहना करते नजर आ रहे हैं.
राज ठाकरे का आरोप
राज ठाकरे ने अपनी पोस्ट में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की तटस्थता पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने लिखा कि ऐसा प्रतीत होता है कि आईपीएस अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल अचानक 'दुहरी निष्ठा' दिखाने के लिए उत्सुक हो गए हैं. एक पुलिस अधिकारी होने के नाते उनकी पूरी निष्ठा केवल अपने कर्तव्यों और संविधान के प्रति होनी चाहिए, लेकिन वे आरएसएस के प्रति अपनी निष्ठा प्रदर्शित करने के लिए मजबूर दिखाई दे रहे हैं. यह भी पढ़े: BREAKING: राज ठाकरे-उद्धव ठाकरे के साथ आने की चर्चा पर बोले सीएम फडणवीस, 'बिछड़े हुए एक साथ आते हैं तो हमें खुशी है'; VIDEO
राज ठाकरे का पोस्ट
आयपीएस अधिकारी श्री. विश्वास नांगरे पाटील यांना अचानक दुहेरी निष्ठा दाखवण्याची इच्छा झाली आहे असं दिसतंय. ते एक पोलीस अधिकारी आहेत, त्यामुळे त्यांची निष्ठा फक्त आणि फक्त पोलीस दलाची जी कर्तव्य आहेत त्याच्याशी असायला हवी. पण इथे नांगरे पाटील यांना त्यांची राष्ट्रीय स्वयंसेवक…
— Raj Thackeray (@RajThackeray) June 27, 2026
मनसे प्रमुख ने तंज कसते हुए कहा कि अब तक लोग यह समझते थे कि नांगरे पाटिल की वर्दी का खाकी रंग पुलिस बल का है, लेकिन अब जाकर पता चला है कि यह रंग संघ की पुरानी खाकी का है.
गृहमंत्री और मुख्यमंत्री की भूमिका पर भी उठाए सवाल
इस मामले को लेकर राज ठाकरे ने केवल पुलिस कमिश्नर पर ही नहीं, बल्कि राज्य के नेतृत्व पर भी निशाना साधा. उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या सरकार को अपने अधिकारियों की ऐसी दुहरी निष्ठा स्वीकार्य है.
राज ठाकरे ने साल 2012 की एक पुरानी घटना का स्मरण कराते हुए कहा कि उस समय मनसे के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल ने पुलिस बल का समर्थन करने के लिए उन्हें बधाई दी थी. तब की सरकार ने निष्पक्षता का उल्लंघन करने के आरोप में उस कांस्टेबल को अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया था. उन्होंने पूछा कि क्या वर्तमान सरकार विश्वास नांगरे पाटिल के मामले में भी वही कड़ा रुख अपनाएगी.
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ. इस वीडियो में आईपीएस अधिकारी विश्वास नांगरे पाटिल 'सकल हिंदू समाज' द्वारा आयोजित एक हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरएसएस और उसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रशंसा कर रहे थे.
यह वीडियो उनके नागपुर के पुलिस कमिश्नर पद पर नियुक्त होने के ठीक बाद सामने आया, जिसके कारण महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है. मनसे के अलावा कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सर्विस रूल्स के उल्लंघन का आरोप लगाया है और मामले की जांच की मांग की है. इस पूरे विवाद पर फिलहाल सरकार या खुद विश्वास नांगरे पाटिल की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है.












QuickLY