मूसलाधार बारिश से मुंबई बेहाल, महाराष्ट्र में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 36, यातायात सेवाएं बाधित
मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में बारिश से संबंधित घटनाओं में 14 अन्य लोगों की मौत हो गई. एक जुलाई को सुबह साढ़े आठ बजे और दो जुलाई को सुबह साढ़े आठ बजे तक बीएमसी के मौसम केंद्रों ने 163 मिलीमीटर तक की औसत बारिश दर्ज की गई.
मुंबई : मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बारिश के कारण वित्तीय राजधानी जगह-जगह जलमग्न है और शहर में दीवार गिरने की एक घटना में 22 लोगों की जान चली गई. अधिकारियों ने बताया कि शेष महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में बारिश से संबंधित घटनाओं में 14 अन्य लोगों की मौत हो गई. रविवार से हो रही भारी बारिश के कारण मुंबई में रेल, वायु और सड़क यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ.
कई ट्रेनों और विमानों को रद्द करना पड़ा. मौसम विभाग के भारी बारिश के पूर्वानुमान के बाद सरकार ने मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित करते हुए लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी. वहीं, उत्तरी उपनगर मलाड में भारी बारिश के बाद मंगलवार तड़के एक दीवार ढहने से 21 लोगों की मौत हो गई और 78 लोग घायल हुए हैं. मंगलवार की रात घायल एक और व्यक्ति की मौत के साथ कुल 22 लोगों की जान जा चुकी है.
यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र में बारिश का कहर जारी: रत्नागिरी में डैम टूटा, 6 लोगों के शव बरामद, 17 लापता- रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
इस संबंध में एक वरिष्ठ सिविक अधिकारी ने यहां पत्रकारों को बताया कि घायलों को सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया और उनमें से 15 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई.
वहीं, मलबे में फंसी 15 वर्षीय लड़की को करीब 12 घंटे बाद बाहर निकाला गया लेकिन उसने दम तोड़ दिया. मलाड में एक कार में पानी भरने से उसमें फंसे दो लोगों की मौत हो गई. विले पार्ले में एक व्यक्ति को करंट लग गया और उपनगर मुलुंड में दीवार गिरने से एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई.
वहीं, पुणे के अम्बेगांव इलाके में सोमवार देर रात एक शैक्षणिक संस्थान की दीवार उसके पास बनी अस्थायी झोंपड़ियों पर गिरने से छह श्रमिकों की मौत हो गई. मंगलवार तड़के ठाणे जिले के कल्याण में एक दीवार गिरने से तीन लोगों की जान चली गई. बुलढाणा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से 52 वर्षीय महिला की मौत हो गई.
खराब मौसम के चलते मुंबई के ‘छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 54 विमानों को दूसरी जगह भेजना पड़ा और 52 उड़ानें रद्द कर दी गईं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने बीएमसी आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और स्थानीय निकाय अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया. फड़णवीस ने बीएमसी और मुंबई पुलिस अधिकारियों के साथ रेलवे, सड़क यातायात और ऐसे क्षेत्रों की समीक्षा की, जहां अधिक ध्यान और सहायता की आवश्यकता है.
फड़णवीस ने कहा, ‘‘मौसम विभाग के भारी बारिश संबंधी परामर्श के तहत एहतियाती तौर पर मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया गया. हमें अगले दो दिनों तक सतर्क रहने की आवश्यकता है.’’ बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि शहर में लगातार बारिश के कारण, चुनाभट्टी रेलवे स्टेशन और वकोला रोड के पास एयरपोर्ट कॉलोनी, वकोला जंक्शन, पोस्टल कॉलोनी में पानी भरने की जानकारी मिली है.
उन्होंने बताया कि मीठी नदी के उफान पर होने के कारण किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए 1000 से अधिक लोगों को क्रांति नगर, कुर्ला से हटाया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि मुंबई विश्वविद्यालय की परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं. मध्य रेलवे के मुख्य प्रवक्ता सुनील उदासी ने कहा कि आरपीएफ जवानों की मदद से मध्य रेलवे ने आधी रात को चलने वाली ट्रेन (लोकल) में फंसे हजारों यात्रियों को निकाला और कई स्टेशनों पर चाय, बिस्कुट और अन्य खाद्य पदार्थ भी बांटे.
पश्चिम रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चर्चगेट और विरार के बीच उसकी उपनगर सेवाएं चल रही है हालांकि उनके फेरे कम हैं. अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण मध्य एवं पश्चिमी रेलवे ने लंबी दूरी की कई ट्रेनें या तो रद्द कर दी हैं या फिर उन्हें मुंबई से बाहर स्टेशनों पर ही रोक दिया है. बिजली कंपनियों ने एहतियाती कदम के तौर पर कुछ उपनगर इलाकों में आपूर्ति निलंबित कर दी है.
अतिरिक्त आयुक्त अश्विनी जोशी ने कहा कि मलाड में दीवार गिरने की घटना की जांच की जाएगी और जो भी अधिकारी दोषी पाया जाएगा उसे सजा दी जाएगी. फड़णवीस ने राज्य विधानसभा में भी ऐसी ही घोषणा करते हुए कहा कि दीवार गिरने की घटना की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी.
मानसून सत्र के आखिरी दिन मंगलवार को विधानसभा में मलाड में दीवार गिरने की घटना का जिक्र हुआ. पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने शिवसेना शासित बीएमसी को भंग करने की मांग की.
मुंबई समेत समस्त उत्तरी कोंकण क्षेत्र में मानसून सक्रिय है. मौसम विभाग ने ज्यादातर स्थानों पर भारी बारिश और कुछ स्थानों में अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है. मौसम विभाग के अनुमान पर जोशी ने कहा कि मुंबई और उपनगरों में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश तेज होने की आशंका है.
जोशी ने बताया कि एक जुलाई को सुबह साढ़े आठ बजे और दो जुलाई को सुबह साढ़े आठ बजे तक बीएमसी के मौसम केंद्रों ने 163 मिलीमीटर तक की औसत बारिश दर्ज की गई. बीएमसी की आपदा प्रबंधन शाखा को हेल्पलाइन नंबर 1916 पर 3,593 शिकायतें मिली जिनमें जल भराव, दीवार गिरना और पेड़ उखड़ने की शिकायतें शामिल हैं.
जोशी ने कहा, ‘‘हमारे लिए अगले दो दिन काफी महत्वपूर्ण हैं और हमारा तंत्र भारी बारिश के दौरान किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है.’’ बीएमसी के सभी 1,400 पानी निकालने वाले पंपों को बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील 53 स्थानों पर तैनात किया गया है.
जोशी ने शहर में जल भराव के लिए ‘‘भौगोलिक घटना’’ को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि बीएमसी की मानसून से निपटने की तैयारी पूरी है. आईएएस अधिकारी ने कहा, ‘‘शहर में थोड़े से समय में उच्च ज्वार के साथ भारी बारिश का नतीजा कई इलाकों में जल भराव है.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 03, 2019 11:21 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

