राहुल गांधी को इतिहास की जानकारी नहीं, कांग्रेस ने संविधान का उड़ाया मखौल: जेपी नड्डा
भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के 'इंडियन स्टेट' बयान को संविधान का मखौल उड़ाने वाला बताया है. लोकसभा सांसद की 'इतिहास संबंधी जानकारी' पर भी सवाल उठाए.
अहमदाबाद, 19 जनवरी : भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के 'इंडियन स्टेट' बयान को संविधान का मखौल उड़ाने वाला बताया है. लोकसभा सांसद की 'इतिहास संबंधी जानकारी' पर भी सवाल उठाए.
जेपी नड्डा ने गुजरात में संविधान गौरव अभियान के तहत एक जनसभा को संबोधित किया. बोले, " कांग्रेस नेता राहुल गांधी "फाइट अगेंस्ट द इंडियन स्टेट" की बात करते हैं. आपने सुना होगा, राहुल गांधी कहते हैं कि फाइट अगेंस्ट द इंडियन स्टेट. इन्हें न इतिहास की जानकारी है, न ही इतिहास से इनको कोई लेना-देना है. मैं कई बार कहता हूं कि इनके स्पीच राइटर कुछ भी लिख देते हैं और ये वहीं बात सार्वजनिक तौर पर बोल देते हैं. सबसे ज्यादा किसी ने संविधान का मखौल उड़ाया है तो वह कांग्रेस पार्टी है." यह भी पढ़ें : UP: योगी सरकार ने जन-जन तक पहुंचाया टीबी अभियान, 26,891 रोगी चिन्हित
नड्डा ने कांग्रेस राज का जिक्र भी किया. उन्होंने कहा, " 75 साल की इस यात्रा में 65 साल कांग्रेस के नेताओं ने इस देश पर राज किया. लेकिन बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान के साथ कांग्रेस पार्टी ने खिलवाड़ किया. स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी ली थी, ऐसी-ऐसी खिचड़ी पकी कि वहां धारा 370 लागू कर दिया. जम्मू कश्मीर राज्य को विशेषाधिकार देने और भारत से अलग करने की इस नीति पर बाबा साहेब अंबेडकर ने देशद्रोह करार दिया था. बाबा साहेब ने अच्छा संविधान बनाया लेकिन बुरे लोगों ने उसका दुरुपयोग कर जम्मू-कश्मीर में 35ए लगाई, जिसे संसद से भी पास नहीं कराया गया. संसद को धोखा देने वाले ये लोग आज संसद की मर्यादा की चिंता करने का नाटक कर रहे हैं."
उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1975 में श्रीमती इंदिरा गांधी का चुनाव निरस्त किया था. उस समय देश को खतरा नहीं था बल्कि इंदिरा गांधी की कुर्सी को खतरा था. उसे बचाने के लिए उन्होंने भारत में आपातकाल लगा दिया था. वहीं शाहबानों केस में सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित महिला को गुजारा भत्ता देने के आदेश दिया था लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मुस्लिम नेताओं और मौलवियों के दबाव में आकर कानून ही बदल दिया. जिसका परिणाम यह हुआ कि शाहबानों को न्याय नहीं मिल सका.
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 को समाप्त किया गया, 35ए को समाप्त किया गया. कांग्रेस पार्टी बाबा साहेब के बारे में सिर्फ बातें करती है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहेब की जयंती 14 अप्रैल को राष्ट्रीय समरसता दिवस घोषित किया. उनकी स्मृति में स्मारक बनाकर समाज में उनका सम्मान बढ़ाया, वहीं कांग्रेस ने तो उन्हें भारत रत्न तक देने से मना कर दिया था.
जेपी नड्डा ने आगे कहा कि बाबा साहेब की जन्मभूमि महू हो, शिक्षा भूमि लंदन हो, दीक्षा भूमि नागपुर हो, चैत्य भूमि मुंबई हो या फिर दिल्ली, जहां उन्होंने अपना अंतिम समय व्यतीत किया था, उन स्थानों को तीर्थ स्थान बनाने का काम भी पीएम मोदी ने किया है. जबकि कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहेब का अपमान किया. कांग्रेस ने बाबा साहेब को चुनाव तक हरवाने का काम किया और उन्हें भारत रत्न देना भी उचित नहीं समझा, बाबा साहेब को भारत रत्न तब मिला, जब केंद्र में भाजपा समर्थित सरकार बनी. एक हफ्ते बाद हम 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाएंगे. इसके साथ ही संविधान गौरव यात्रा में सहभागिता करें और ये संदेश प्रसारित करें कि संविधान के साथ किसने छेड़छाड़ की थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 19, 2025 04:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

