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Jantar Mantar Assault Case: CJP नेताओं ने स्वतंत्र भारद्वाज पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज करने की मांग की (Video)

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई कथित मारपीट का मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया है. इसके विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका, पीड़ित संजय कुमार और उनकी बेटी निशु आजाद के साथ नई दिल्ली के संसद मार्ग (पार्लियामेंट स्ट्रीट) थाने पहुंचे और आरोपी पर हत्या के प्रयास (धारा 307) के तहत मामला दर्ज करने की मांग की.

Jantar Mantar Assault Case: CJP नेताओं ने स्वतंत्र भारद्वाज पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज करने की मांग की (Video)
Saurav Das, Ashutosh Ranka (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जून माह में आयोजित एक छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसक झड़प का मामला राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है. सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा एक पॉडकास्ट में आंदोलनकारी छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार का 'सिर फोड़ने' का दावा करने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

शुक्रवार को सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका, पीड़ित संजय कुमार और उनकी बेटी निशु आजाद के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे और पुलिस पर राजनीतिक दबाव में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज करने की मांग की.  यह भी पढ़ें: 'ये आदेश किसने दिया?' CJP प्रवक्ता सौरव दास का आरोप- पुडुचेरी पुलिस ने परिवार से की पूछताछ, BJP सरकार पर साधा निशाना

वायरल पॉडकास्ट में भारद्वाज के दावे से बढ़ा विवाद

यह पूरा विवाद उस समय गहराया जब यूट्यूब चैनल 'द कैजुअल टॉक' पर स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट इंटरव्यू सामने आया.

  • विवादित बयान: वीडियो में भारद्वाज कथित तौर पर यह कहते सुनाई दिए कि उन्होंने निशु के पिता का सिर फोड़ दिया था, जिसमें 60 टांके आए थे और वह गंभीर हालत में एंबुलेंस से ले जाए गए थे.
  • राजनीतिक रसूख का दावा: उन्होंने बातचीत में यह भी दावा किया कि नेताओं के फोन और संपर्कों की वजह से उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा.
  • विपक्ष का हमला: वीडियो सामने आने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित आम आदमी पार्टी व अन्य विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया.

CJP ने दिल्ली पुलिस पर लगाया निष्क्रियता का आरोप

संसद मार्ग थाने के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए सीजेपी नेताओं ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए:

  • सीजेपी सह-संयोजक आशुतोष रांका का बयान: उन्होंने आरोप लगाया कि जब आरोपी खुद कैमरे पर अपराध कबूल कर रहा है, तब भी दिल्ली पुलिस सत्ताधारी दल के दबाव में हाथ पर हाथ धरे बैठी है.
  • धारा 307 लगाने की मांग: सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि घटना के समय ही पुलिस से गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने को कहा गया था, लेकिन पुलिस ने केवल हल्की धाराओं में कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि साक्ष्य मौजूद होने के बावजूद धारा 307 न लगाना पक्षपात को दर्शाता है.

सीजेपी ने बीजेपी पर स्वतंत्र भारद्वाज को बचाने का आरोप लगाया

दिल्ली पुलिस का रुख: फ्रैक्चर की बात तथ्यहीन, कड़े से लगी थी सामान्य चोट

विवाद बढ़ने के बाद नई दिल्ली डीसीपी कार्यालय ने आधिकारिक बयान जारी कर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों का खंडन किया:

  • तथ्यों की स्पष्टता: पुलिस के अनुसार, 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई में गाजियाबाद निवासी संजय कुमार (38) के सिर पर किसी हथियार से नहीं, बल्कि एक व्यक्ति द्वारा पहने गए 'कड़े' (धातु के कंगन) से चोट लगी थी.
  • आरएमएल अस्पताल की एमएलसी: पुलिस ने कहा कि राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में कराई गई मेडिकल जांच में डॉक्टरों ने चोट को 'साधारण' (Simple in nature) बताया है. सिर में फ्रैक्चर या क्रैक होने की बातें मेडिकल रिपोर्ट के तथ्यों से मेल नहीं खातीं और पूरी तरह निराधार हैं.
  • कानूनी प्रक्रिया जारी: पुलिस ने स्पष्ट किया कि संसद मार्ग थाने में दर्ज मामले के तहत सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को कानून सम्मत नोटिस देकर पूछताछ की गई है और जल्द ही सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी. पुलिस ने किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव के आरोपों को बेबुनियाद बताया.

स्वतंत्र भारद्वाज की सफाई: 'आत्मरक्षा में हुआ था विवाद'

चौतरफा आलोचना के बीच स्वतंत्र भारद्वाज ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा कि उनके वीडियो को संदर्भ से काटकर पेश किया गया है. उन्होंने दावा किया कि पॉडकास्ट में उनकी टिप्पणियां उन पर लगाए जा रहे आरोपों पर कटाक्ष (व्यंग्य) के रूप में थीं. भारद्वाज का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने उन्हें घेरकर धक्का दिया था और उन्होंने केवल अपनी आत्मरक्षा (Self-Defence) में बचाव का प्रयास किया था, किसी की हत्या या गंभीर चोट पहुंचाने का उनका कोई इरादा नहीं था.

फिलहाल, छात्र संगठन और सीजेपी प्रतिनिधि मामले में कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कह रहे हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 04, 2026 12:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).