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गुजरात मेडिकल कॉलेज में रैगिंग! MBBS इंटर्न्स को किया अगवा, प्रताड़ित कर 'मुर्गा' बनने पर किया मजबूर

गुजरात के भावनगर मेडिकल कॉलेज में छह एमबीबीएस डॉक्टरों ने इंस्टाग्राम पोस्ट से नाराज होकर तीन इंटर्न्स का अपहरण कर उनकी पिटाई की और उन्हें 'मुर्गा' बनने पर मजबूर किया. कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी ने चार आरोपियों को निलंबित कर दिया, जबकि पुलिस ने अपहरण, मारपीट और धमकी सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है. कॉलेज प्रशासन और पुलिस घटना की गहराई से जांच कर रहे हैं.

गुजरात मेडिकल कॉलेज में रैगिंग! MBBS इंटर्न्स को किया अगवा, प्रताड़ित कर 'मुर्गा' बनने पर किया मजबूर

राजकोट: गुजरात के भावनगर स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां छह एमबीबीएस डॉक्टरों ने तीन इंटर्न्स को अगवा कर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. यह सब एक इंस्टाग्राम पोस्ट से नाराज होकर किया गया.

भावनगर के नीलमबाग पुलिस स्टेशन में शनिवार रात को इस घटना को लेकर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस ने आरोपियों पर अपहरण, अवैध हिरासत, मारपीट, धमकी देने और अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है.

कॉलेज प्रशासन ने की कड़ी कार्रवाई

घटना के बाद कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी ने आपात बैठक बुलाई और छह आरोपियों में से चार को तत्काल निलंबित कर दिया. कॉलेज प्रशासन के अनुसार, सभी आरोपी और पीड़ित इंटर्न्स, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सर टी हॉस्पिटल में अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप कर रहे थे. दो आरोपियों की इंटर्नशिप पहले ही पूरी हो चुकी थी.

पीड़ितों में से एक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उन्होंने 'Convocation Speaks' नामक एक इंस्टाग्राम पेज बनाया था, जिसमें हास्यपूर्ण सामग्री साझा की जाती थी. लेकिन इस पेज की कुछ पोस्ट से आरोपी नाराज हो गए और बदला लेने के इरादे से उन्होंने इंटर्न्स को अपना निशाना बनाया.

'मुर्गा' बनने पर मजबूर किए गए पीड़ित

6 मार्च की रात, आरोपियों में से एक ने पीड़ित को कॉल कर मिलने के लिए बुलाया. जैसे ही वह निर्धारित स्थान पर पहुंचा, उसे जबरन कार में बैठा लिया गया, जहां एक और पीड़ित पहले से मौजूद था. कार में एक अन्य डॉक्टर और ड्राइवर 'जेडी' भी था.

जैसे ही कार ज्वेल सर्कल की ओर बढ़ी, एक आरोपी ने कार में ही दोनों इंटर्न्स की पिटाई शुरू कर दी. इसके बाद, उन्हें एक होटल के सामने वाली गली में ले जाया गया, जहां बाकी आरोपी पहले से मौजूद थे. वहां पीड़ितों को बार-बार मारा-पीटा गया और उन पर कॉलेज की छवि खराब करने का आरोप लगाया गया.

इसके बाद, आरोपियों ने शिकायतकर्ता का फोन अनलॉक करवा लिया और उसकी गैलरी से कुछ तस्वीरें ले लीं, साथ ही धमकी दी कि वे इन्हें सोशल मीडिया पर लीक कर देंगे. इन तस्वीरों की प्रकृति स्पष्ट नहीं है.

इसके बाद, पीड़ितों को एक अन्य डॉक्टर के हॉस्टल रूम में ले जाया गया, जहां उन्हें अपमानजनक ‘मुर्गा पोजीशन’ में बैठने के लिए मजबूर किया गया. इस दौरान, एक अन्य इंटर्न ने भी शिकायत दर्ज कराई कि आरोपियों में से दो ने रात 2 बजे जबरन उसके कमरे में घुसकर उसकी पिटाई की.

कॉलेज डीन का बयान और पुलिस जांच जारी

घटना के बाद, पीड़ितों का इलाज सर टी हॉस्पिटल में किया गया, जिसके बाद उन्होंने कॉलेज डीन से शिकायत की और फिर पुलिस में मामला दर्ज करवाया.

कॉलेज डीन सुशील झा ने मीडिया से बात करते हुए इस मामले को गंभीर रैगिंग करार दिया और बताया कि कॉलेज की 11-सदस्यीय एंटी-रैगिंग कमेटी की तत्काल बैठक बुलाई गई. उन्होंने कहा, "हमने चार इंटर्न्स को तुरंत निलंबित कर दिया है और उनकी इंटर्नशिप सर्टिफिकेट को भी रोक दिया गया है. जल्द ही एक और बैठक कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी."

फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की संभावना है.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 09, 2025 01:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).