SHO Shabana Azmi Viral Video: बिहार के पूर्णिया (Purnia News) जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे को सकते में डाल दिया है. यहां फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी (Phanishwar Nath Renu TOP) की महिला थाना प्रभारी शबाना आजमी (Shabana Azmi) ने अपने पिता और दादा को अपनी सरकारी कुर्सी पर बैठाकर फोटो खिंचवाई और उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया. देखते ही देखते यह फोटो वायरल हो गई और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. फोटो पोस्ट करते हुए शबाना आजमी ने इमोशनल कैप्शन लिखा था, जिससे साफ जाहिर हो रहा था कि वो अपने बुजुर्गों को सम्मान देना चाहती थीं.
लेकिन सरकारी कुर्सी पर परिवार के सदस्यों को बैठाना कई लोगों को नागवार गुजरा और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं.
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महिला SHO ने पिता-दादा को सरकारी कुर्सी पर बैठाया
बिहार के पूर्णिया की SHO शबाना आज़मी ने उनके पिता और दादा को अपनी कुर्सी पर बैठाया तो DIG ने उन पर जांच बैठा दी। pic.twitter.com/wWv4QDxDiV
— Sonu Yadav (@SonuYadav893888) August 3, 2025
पूर्णिया के DIG ने दिए जांच के आदेश
जहां कुछ लोग इसे एक बेटी का अपने पिता और दादा के प्रति सम्मान मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग कह रहे हैं कि सरकारी कुर्सी की गरिमा का ध्यान रखना भी एक जिम्मेदार अफसर की ड्यूटी होती है. यह कुर्सी सिर्फ एक फर्नीचर नहीं, बल्कि कानून, अधिकार और जनता के भरोसे की पहचान है.
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्णिया के डीआईजी प्रमोद कुमार मंडल ने जांच के आदेश दे दिए हैं. उनका कहना है कि यह संवेदनशील मामला है और जांच के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी. वहीं, विभाग के अन्य अधिकारी इस मसले पर चुप्पी साधे हुए हैं.
सोशल मीडिया पर 15 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स
शबाना आजमी हाल ही में नगर थाना से प्रमोशन पाकर फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी की प्रभारी बनी हैं. वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर ड्यूटी के दौरान की तस्वीरें व वीडियो अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर डालती रहती हैं. उनके सोशल मीडिया पर 15,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. लेकिन इस बार उनका निजी भावनाओं में बहकर लिया गया कदम उन्हें विवादों के घेरे में ले आया है.
अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या ऐसी भावनात्मक लेकिन मर्यादा से जुड़ी घटनाओं के लिए विभाग कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश देगा या नहीं? क्या शबाना आजमी को सिर्फ समझा दिया जाएगा या उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी होगी?
पुलिस मैनुअल की मर्यादा रखना जरूरी
फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है और सभी की निगाहें डीआईजी की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं. ये जरूर तय है कि सोशल मीडिया की पोस्टिंग अब सिर्फ निजी मामला नहीं रही, खासकर जब आप एक जिम्मेदार सरकारी पद पर हों.













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