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Pune News: शख्स का दावा, पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते आंखों की रोशनी और दाहिना पैर खोना पड़ा

पुणे के सिंहगढ़ क्षेत्र स्थित खानापुर गांव के निवासी गणेश थोपटे (46) ने दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. थोपटे का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उन्हें अपनी आंखों की रोशनी और दाहिना पैर खोना पड़ा

Pune News: शख्स का दावा, पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते आंखों की रोशनी और दाहिना पैर खोना पड़ा
(Photo Credits Pixabay)

Pune News: पुणे के सिंहगढ़ क्षेत्र स्थित खानापुर गांव के निवासी गणेश थोपटे (46) ने दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाए हैं.  थोपटे का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उन्हें अपनी आंखों की रोशनी और दाहिना पैर खोना पड़ा. गणेश ने एक अंग्रेजी समाचार पत्र से बातचीत में अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि इलाज के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई है, क्योंकि इलाज में उन्होंने अपनी सारी बचत खर्च कर दी.

एक्सीडेंट में पैर हुआ था फैक्चर

गणेश के अनुसार, पिछले साल 18 सितंबर 2023 को एक दुर्घटना में उनका दाहिना पैर फ्रैक्चर हो गया था. इसके बाद उन्हें दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनके पैर में आयरन प्लेट लगाई और तीन महीने तक बिस्तर पर आराम करने की सलाह दी. ऑपरेशन के तीन महीने बाद उन्हें संक्रमण हो गया और उनकी पत्नी उन्हें फिर से अस्पताल ले गईं. डॉक्टरों ने कहा कि प्लेट और स्क्रू हटाना पड़ेगा, लेकिन इसके बाद भी उनका स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ और संक्रमण बढ़ता गया. अंततः एक अन्य अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने कहा कि संक्रमण के कारण पैर का आधा हिस्सा काटना पड़ेगा. यह भी पढ़े: अस्पताल की लापरवाही से मौत! मरीज को गलत ब्लड चढ़ाने के मामले में 3 डॉक्टरों का हटाया गया, नर्सिंग अधिकारी निलंबित

पैर कटने के बाद एक आंख की रौशनी भी गई

गणेश ने बताया कि फरवरी 2025 में उनकी दाहिनी आंख की दृष्टि धुंधली हो गई. दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें ₹12,000 का इंजेक्शन लगाने की सलाह दी, जिससे उनकी दृष्टि ठीक हो सकती थी. गणेश ने इंजेक्शन लगवाया, लेकिन इसके बाद उनकी दृष्टि और खराब हो गई. डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन ऑपरेशन के बाद उनकी आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई.

इलाज के खर्च हुए ₹25 लाख

 गणेश की पत्नी कालयानी ने कहा, "अब तक पति के इलाज में ₹25 लाख खर्च कर चुके हैं. जिससे उनकी सारी बचत खत्म हो गई है. कालयानी ने अस्पताल के प्रति गुस्सा दिखाते हुए कहा कि ये लोग  केवल बिजनेस कर रहे है, मरीजों की परवाह इन्हें  नहीं हैं.  वहीं दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल ने इस मामले में अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 04, 2025 04:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).