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Private Coaching Centres: कोचिंग सेंटरों पर लगेगी लगाम? महाराष्ट्र में 5 घंटे से ज्यादा क्लास पर रोक का प्रस्ताव, 4 सितंबर तक मांगी गई राय

मसौदे के अनुसार, 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का कोचिंग सेंटरों में नामांकन नहीं किया जा सकेगा. इसके अलावा, संस्थान छात्रों या अभिभावकों से टॉप रैंक, शत-प्रतिशत अंक या भ्रामक परिणाम का वादा नहीं कर सकेंगे.

Private Coaching Centres: कोचिंग सेंटरों पर लगेगी लगाम? महाराष्ट्र में 5 घंटे से ज्यादा क्लास पर रोक का प्रस्ताव, 4 सितंबर तक मांगी गई राय

 Private Coaching Centres: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में फल-फूल रहे प्राइवेट कोचिंग सेंटरों को एक औपचारिक कानूनी दायरे में लाने के उद्देश्य से 'महाराष्ट्र प्राइवेट कोचिंग सेंटरों (पंजीकरण और विनियमन) अधिनियम, 2026' का मसौदा तैयार किया है. इस प्रस्तावित कानून के तहत कोचिंग संस्थानों के लिए पंजीकरण, फीस संरचना, छात्र सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कड़े नियम तय किए गए हैं. इसके अलावा, कोचिंग कक्षाओं की अधिकतम अवधि रोजाना 5 घंटे सीमित करने और "डमी स्कूल" मॉडल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया गया है.

स्कूल शिक्षा और खेल विभाग ने इस विधेयक के मसौदे पर आम जनता, अभिभावकों और कोचिंग संचालकों से 4 सितंबर 2026 की शाम 6 बजे तक लिखित सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं.

25 से अधिक छात्रों वाले कोचिंग सेंटरों के लिए पंजीकरण अनिवार्य

प्रस्तावित कानून उन सभी कोचिंग या ट्यूशन सेंटरों पर लागू होगा जहां 25 से अधिक छात्र पढ़ते हैं. नए नियमों के लागू होने के बाद, मौजूदा कोचिंग संस्थानों को राज्य के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 6 महीने के भीतर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा.

पंजीकरण की वैधता 3 साल के लिए होगी, जिसे समाप्ति से कम से कम तीन महीने पहले रिन्यू कराना होगा. यदि किसी कोचिंग संस्थान की एक से अधिक शाखाएं हैं, तो प्रत्येक शाखा को अलग केंद्र मानकर पृथक पंजीकरण आवेदन जमा करना होगा.

13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए कोचिंग पर रोक

मसौदे के अनुसार, 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का कोचिंग सेंटरों में नामांकन नहीं किया जा सकेगा. इसके अलावा, संस्थान छात्रों या अभिभावकों से टॉप रैंक, शत-प्रतिशत अंक या भ्रामक परिणाम का वादा नहीं कर सकेंगे.

कोचिंग सेंटरों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर शिक्षकों की योग्यता, उपलब्ध सुविधाएं, पाठ्यक्रम शुल्क, कोचिंग का समय और फीस वापसी (रिफंड) से जुड़ी नीतियां स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होंगी. उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार के 2024 के कोचिंग दिशा-निर्देशों में न्यूनतम आयु सीमा 16 वर्ष रखी गई थी, जबकि महाराष्ट्र के इस मसौदे में यह सीमा 13 वर्ष प्रस्तावित की गई है.

डमी स्कूलों पर बैन और पढ़ाई का समय 5 घंटे सीमित

तनाव कम करने और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मसौदे में कई सख्त प्रावधान किए गए हैं:

  • कोचिंग क्लास की अवधि रोजाना 5 घंटे से अधिक नहीं होगी.

  • सुबह बहुत जल्दी या देर रात को कक्षाएं आयोजित करने पर रोक रहेगी.

  • छात्रों और शिक्षकों को सप्ताह में एक दिन की छुट्टी दी जाएगी, जिसके अगले ही दिन कोई परीक्षा या टेस्ट नहीं लिया जा सकेगा.

  • एकीकृत कोचिंग या "डमी स्कूल" व्यवस्था पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा.

  • बेसमेंट (तहखाने) से कोचिंग कक्षाओं के संचालन पर रोक होगी.

  • किसी भी ऐसे व्यक्ति को शिक्षक या कर्मचारी के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा, जिसके खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध दर्ज हो.

4 सितंबर तक भेजे जा सकते हैं सुझाव और आपत्तियां

राज्य सरकार इस मसौदे को अंतिम रूप देने से पहले प्राप्त सुझावों पर विचार करेगी. नागरिक और संबंधित पक्ष 4 सितंबर 2026 को शाम 6 बजे तक अपने सुझाव या आपत्तियां लिखित रूप में शिक्षा आयुक्त, महाराष्ट्र राज्य (पुणे) या शिक्षा निदेशक (माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक, पुणे) को डाक या आधिकारिक ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 23, 2026 03:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).