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पीएम मोदी मंगलवार को वाराणसी में 15वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्‍मेलन का करेंगे उद्घाटन

14वां प्रवासी भारतीय दिवस 7 से 9 जनवरी, 2017 को बैंगलूरू, कर्नाटक में आयोजित किया गया था, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने किया था.14वें प्रवासी भारतीय दिवस का विषय था- प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को पुनर्भाषित करना

पीएम मोदी मंगलवार को वाराणसी में 15वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्‍मेलन का करेंगे उद्घाटन
पीएम मोदी (File Photo)

वाराणसी: प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी (Narendra Modi) 22 जनवरी, 2019 को वाराणसी (उत्‍तर प्रदेश), में 15वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्‍मेलन का उद्घाटन करेंगे. पहली बार वाराणसी (Varanasi) में 21 से 23 जनवरी 2019 तक तीन दिवसीय सम्‍मेलन का आयोजन किया जा रहा है. प्रवासी भारतीय दिवस सम्‍मेलन 2019 का विषय है- नये भारत के निर्माण में भारतीय प्रवासियों की भूमिका. अधिकांश प्रवासी भारतीयों की कुंभ मेले और गणतंत्र दिवस समारोह में शरीक होने की भावनाओं का सम्‍मान करते हुए इस 15वें प्रवासी भारतीय सम्‍मेलन को 9 जनवरी के बजाय 21 से 23 जनवरी 2019 को आयोजित किया जा रहा है. सम्‍मेलन के बाद प्रतिभागी 24 जनवरी को कुंभ मेले में शामिल होने के लिए प्रयागराज की यात्रा करेंगे. 25 जनवरी को प्रवासी जन दिल्‍ली के लिए प्रस्‍थान करेंगे और 26 जनवरी, 2019 को नई दिल्‍ली में गणतंत्र दिवस परेड देखेंगे.

मॉरीशस के प्रधानमंत्री श्री प्रविंद जगन्‍नाथ प्रवासी भारतीय दिवस सम्‍मेलन के 15वें संस्‍करण के मुख्‍य अतिथि होंगे. नॉर्वे के सांसद श्री हिमांशु गुलाठी विशिष्‍ठ अतिथि और न्‍यूजीलैण्‍ड के सांसद श्री कंवलजीत सिंह बक्‍शी सम्‍मानित अतिथि होंगे.

इस संस्‍करण के मुख्‍य आयोजन इस प्रकार हैं –

21 जनवरी, 2019 – युवा प्रवासी भारतीय दिवस. यह आयोजन युवा प्रवासी भारतीयों को नये भारत के साथ जुड़ने के अवसर उपलब्‍ध करायेगा.

22 जनवरी, 2019 – प्रवासी भारतीय दिवस सम्‍मेलन का प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा मॉरीशस के प्रधानमंत्री श्री प्रविंद जगन्‍नाथ की उपस्थित में उद्घाटन.

23 जनवरी, 2019 – समापन सत्र और राष्‍ट्रपति द्वारा प्रवासी भारतीय सम्‍मेलन पुरस्‍कार प्रदान करना.

इस आयोजन के दौरान विभिन्‍न परिपूर्ण सत्रों का आयोजन किया जायेगा. शाम को सांस्‍कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे.

प्रवासी भारतीय दिवस :

पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री स्‍वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रवासी भारतीय दिवस मनाने का निर्णय लिया था।

पहले प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन 9 जनवरी, 2003 को नई दिल्‍ली में हुआ था. प्रवासी भारतीय दिवस के आयोजन के लिए 9 जनवरी का दिन इसलिए चुना गया था क्‍योंकि वर्ष 1915 में इसी दिन महात्‍मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस आये थे.

अब प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन हर दो साल में एक बार किया जाता है। यह आयोजन विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय को सरकार के साथ काम करने और अपनी जड़ो से दोबारा जुड़ने का मंच उपलब्‍ध कराता है. सम्‍मेलन के दौरान भारत और विदेश दोनों में विभिन्‍न क्षेत्रों में महत्‍वपूर्ण योगदान देने वाले चुने गये भारतीय प्रवासियों को प्रवासी भारतीय सम्‍मान प्रदान किये जाते हैं.

14वां प्रवासी भारतीय दिवस 7 से 9 जनवरी, 2017 को बैंगलूरू, कर्नाटक में आयोजित किया गया था, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने किया था.14वें प्रवासी भारतीय दिवस का विषय था- प्रवासी भारतीयों के साथ संबंधों को पुनर्भाषित करना. अपने संबोधन में श्री मोदी ने कहा था कि प्रवासी भारतीय भारत की श्रेष्‍ठ संस्‍कृति, लोकाचार और मूल्‍यों का प्रतिनिधित्‍व करते हैं और अपने योगदानों के लिए सम्‍मानित हैं. उन्‍होनें सरकार की प्राथमिकता के मुख्‍य क्षेत्र के रूप में प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ लगातार संबंधों के महत्‍व पर जोर दिया था.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 21, 2019 04:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).