राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वेटिकन सिटी रवाना, पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में होंगी शामिल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के साथ पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वेटिकन सिटी रवाना हुईं.
नई दिल्ली, 25 अप्रैल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के साथ पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए वेटिकन सिटी रवाना हुईं. प्रतिनिधिमंडल में अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष जोशुआ डी सूजा भी शामिल हैं. पोप फ्रांसिस का 21 अप्रैल को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया था.
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि 25-26 अप्रैल की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू अंतिम संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. इसके साथ ही वह सरकार और भारत के लोगों की ओर से संवेदना व्यक्त करेंगी. राष्ट्रपति वेटिकन सिटी में सेंट पीटर बेसिलिका में दिवंगत पोप को पुष्पांजलि अर्पित करेंगी. यह भी पढ़ें : श्री सत्य साईं बाबा की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में सरकार 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी करेगी
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, वह 26 अप्रैल को वेटिकन सिटी में सेंट पीटर में अंतिम संस्कार में शामिल होंगी, जिसमें कई वैश्विक नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की उम्मीद है. वेटिकन ने गुरुवार को बताया कि करीब 130 विदेशी प्रतिनिधिमंडलों ने पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होने की पुष्टि की है, जिसमें 50 राष्ट्राध्यक्ष और 10 राजघराने शामिल हैं.
पोप फ्रांसिस के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक संदेश में कहा, "परम पावन पोप फ्रांसिस के निधन से बहुत दुखी हूं. दुख और स्मरण की इस घड़ी में, वैश्विक कैथोलिक समुदाय के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं. पोप फ्रांसिस को हमेशा दुनिया भर के लाखों लोग करुणा, विनम्रता और आध्यात्मिक साहस के प्रतीक के रूप में याद करेंगे. छोटी उम्र से ही उन्होंने प्रभु ईसा मसीह के आदर्शों को साकार करने के लिए खुद को समर्पित कर दिया था. उन्होंने गरीबों और वंचितों की लगन से सेवा की. जो लोग पीड़ित थे, उनके लिए उन्होंने आशा की भावना जगाई."
प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं उनके साथ अपनी मुलाकातों को याद करता हूं और समावेशी और सर्वांगीण विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से बहुत प्रेरित हुआ हूं. भारत के लोगों के प्रति उनका स्नेह हमेशा संजोया जाएगा. उनकी आत्मा को ईश्वर की गोद में शाश्वत शांति मिले." इससे पहले, भारत ने पोप के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया था. पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार के दिन भारत ने अतिरिक्त राजकीय शोक की घोषणा की है. इस दौरान भारत का राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम भी नहीं होगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 25, 2025 09:44 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

