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Eco-Friendly Ganesh Visarjan: पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना कैसे दें बप्पा को विदाई? जानिए 'ग्रीन विसर्जन' के 6 आसान और प्रभावी तरीके

गणेश चतुर्थी के 10 दिवसीय पावन गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा के विसर्जन के साथ होता है. इस वर्ष 14 सितंबर से शुरू हुआ गणेशोत्सव 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को अनंत चतुर्दशी पर विसर्जित होगा। पारंपरिक रूप से प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं के प्राकृतिक जलाशयों में विसर्जन से होने वाले गंभीर जल प्रदूषण को देखते हुए अब पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन की मांग तेजी से बढ़ रही है.

Eco-Friendly Ganesh Visarjan: पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना कैसे दें बप्पा को विदाई? जानिए 'ग्रीन विसर्जन' के 6 आसान और प्रभावी तरीके

नई दिल्ली: विघ्नहर्ता भगवान गणेश के स्वागत के साथ आरंभ होने वाले 10 दिवसीय गणेशोत्सव का सबसे भावुक और पावन क्षण गणेश विसर्जन होता है. वर्ष 2026 में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ यह पावन पर्व शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी के दिन संपन्न होगा.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विसर्जन की रस्म भगवान गणेश के अपने दिव्य धाम लौटने और भक्तों के कष्टों को हर लेने का प्रतीक है. पारंपरिक रूप से मूर्तियों को नदियों, झीलों या समुद्र में विसर्जित किया जाता रहा है. हालांकि, प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) और जहरीले रासायनिक रंगों से बनी विशाल प्रतिमाओं के विसर्जन से जलस्रोतों को होने वाले गंभीर नुकसान को देखते हुए अब देश भर में पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन की परंपरा को बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है.

क्यों खतरनाक हैं पारंपरिक PoP मूर्तियां?

पारंपरिक प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियां और उन पर इस्तेमाल होने वाले रासायनिक रंग पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं:

  • धीमी अपघटन दर: प्राकृतिक मिट्टी जहां पानी में कुछ ही घंटों में घुल जाती है, वहीं PoP को पूरी तरह घुलने में महीनों या सालों लग जाते हैं, जिससे तलछट जमा हो जाती है.
  • हानिकारक भारी धातुएं: मूर्तियों को चमकीला बनाने वाले रासायनिक पेंट्स में पारा (Mercury), क्रोमियम और सीसा (Lead) जैसे विषैले तत्व होते हैं.
  • जलीय जीवन पर संकट: ये रसायन पानी में घुलकर ऑक्सीजन स्तर को घटाते हैं, जिससे जलीय जीवों की मृत्यु होती है और दूषित पानी भूजल व खाद्य श्रृंखला (Food Chain) के जरिए इंसानी स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाता है.

पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना बप्पा को विदाई के 6 उपाय

भक्ति भाव और पर्यावरण सुरक्षा के संतुलन के लिए श्रद्धालु इन सस्टेनेबल तरीकों को अपनी पूजा का हिस्सा बना सकते हैं:

  • शाडू माटी (प्राकृतिक मिट्टी) की प्रतिमा: पीओपी की जगह प्राकृतिक नदी या लाल मिट्टी (शाडू माटी) से निर्मित मूर्तियां स्थापित करें. यह मिट्टी पानी के संपर्क में आते ही पूरी तरह घुल जाती है और इसमें केवल प्राकृतिक, पानी में घुलनशील रंगों का इस्तेमाल किया जाता है.
  • घर पर बाल्टी या टब में विसर्जन: छोटी मिट्टी की प्रतिमाओं के लिए घर पर ही बाल्टी या टब में साफ पानी भरकर विसर्जन किया जा सकता है. कुछ घंटों में जब मूर्ति पूरी तरह घुल जाए, तो उस पोषक तत्वों से भरपूर पवित्र मिट्टी और जल को गमलों या बगीचे के पौधों में अर्पित करें.
  • 'सीड गणेशा' (प्लांटेबल गणेश): यह एक आधुनिक और बेहद लोकप्रिय विकल्प है। इन मूर्तियों के भीतर तुलसी, गेंदा या अन्य पौधों के बीज डाले जाते हैं. घर के गमले में विसर्जन करने पर कुछ ही दिनों में वहां एक हरा-भरा पौधा अंकुरित हो जाता है, जो बप्पा के आशीर्वाद की तरह सदैव घर में बना रहता है.
  • कृत्रिम विसर्जन कुंड (Artificial Ponds): सार्वजनिक पंडालों या सोसायटियों की बड़ी मूर्तियों के लिए स्थानीय नगर निगम या हाउसिंग सोसायटियों द्वारा बनाए गए कृत्रिम तालाबों का ही उपयोग करें. इससे नदियां और समुद्र प्रदूषित होने से बचते हैं और शेष सामग्री का सुरक्षित निस्तारण किया जा सकता है.
  • पर्यावरण-अनुकूल सजावट: पंडाल और पूजा स्थल की सजावट में थर्माकोल, प्लास्टिक और सिंथेटिक ग्लिटर का त्याग करें. इनके स्थान पर केले के पत्ते, ताजे फूल, सूती कपड़े, जूट, कागज और हल्दी-चावल के आटे से बनी प्राकृतिक रंगोली का इस्तेमाल करें.
  • सामुदायिक पहल और खाद निर्माण: पूजा के दौरान एकत्रित हुए फूलों और मालाओं (निर्माल्य) को सामान्य कचरे में फेंकने या पानी में बहाने के बजाय सोसाइटी स्तर पर कंपोस्टिंग पिट में डालकर जैविक खाद में तब्दील करें.

25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के शुभ चौघड़िया मुहूर्त में जब "गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या" के जयकारे गूंजेंगे, तब प्रकृति-अनुकूल विसर्जन का संकल्प न केवल हमारी आस्था की पवित्रता को बनाए रखेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक संदेश देगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 14, 2026 04:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).