Uttar Pradesh: समाजवादी पार्टी ने लिया बड़ा एक्शन, विधायक हरिओम यादव को पार्टी से किया निष्कासित
उत्तर प्रदेश की फीरोजाबाद जिले की सिरसागंज सीट से सपा के विधायक और मुलायम सिंह यादव के रिश्तेदार हरिओम सिंह यादव को पार्टी गतिविधियों के कारण छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
लखनऊ, 16 फरवरी : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की फीरोजाबाद जिले की सिरसागंज सीट से सपा के विधायक और मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के रिश्तेदार हरिओम सिंह यादव को पार्टी गतिविधियों के कारण छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. किसी जमाने में सपा का झंडा बुलंद करने वाले मुलायम सिंह यादव के रिश्तेदार सिरसागंज विधायक हरीओम सिंह यादव (Hariom Singh Yadav) पर काफी दिनों से पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लग रहे थे. फीरोजाबाद जिले के सपा नेताओं उनके खिलाफ एकजुट होकर पार्टी से निष्कासित किए जाने की मांग हाईकमान से की थी. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के निर्देश पर यह कार्रवाई पार्टी ने की है. सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने विधायक के बेटे विजय प्रताप को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का आरोप लगाते हुए पहले ही पार्टी से बाहर कर दिया था. वर्तमान में हरीओम सिंह यादव को शिवपाल सिंह यादव के खेमे का माना जाता है.
बीते माह प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने फीरोजाबाद जिले की तीन सीटों के लिए प्रत्याशी घोषित किए थे. उन्होंने सिरसागंज से सपा विधायक हरिओम सिंह यादव को प्रसपा की ओर से प्रत्याशी घोषित किया है. लोकसभा चुनाव के पहले से शिवपाल यादव के साथ चल रहे सपा विधायक हरिओम यादव ने कहा था कि वह शिवपाल सिंह के साथ हैं. सपा छोड़ने और सपा की टिकट पर चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा था कि मैं पार्टी क्यों छोडूंगा. सपा जब चुनाव लड़ने की कहेगी, तब की तब देखी जाएगी. हालांकि अब उनको पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है. यह भी पढ़ें : MP: सीधी में बड़ा हादसा, नहर में गिरी यात्रियों से भरी बस, अब तक 4 की मौत, बचाव कार्य जारी
दरअसल, फीरोजाबाद में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान हरिओम सिंह यादव और उनके विजय प्रताप पुत्र के विरुद्ध जान से मारने के प्रयास के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था. प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष बने विजय प्रताप के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव आ गया, जिसमें जिला पंचायत सदस्यों ने अध्यक्ष के विरोध में डीएम को पत्र सौंपा था. उसी दौरान पिता-पुत्र को जेल जाना पड़ा था.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 16, 2021 11:43 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

