उत्तर प्रदेश: भ्रष्टाचार पर CM योगी आदित्यनाथ का वार, दो IPS अधिकारी निलंबित
कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार के खिलाफ भी लड़ रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप में दो आइपीएस अफसरों का नाम आने पर उन्हें सोमवार को निलंबित कर दिया. उत्तर प्रदेश के पशु पालन विभाग में करोड़ों के टेंडर घोटाला के आरोपी जेल में हैं.
लखनऊ , 24 अगस्त : कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भ्रष्टाचार के खिलाफ भी लड़ रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोप में दो आइपीएस अफसरों का नाम आने पर उन्हें सोमवार को निलंबित कर दिया. उत्तर प्रदेश के पशु पालन विभाग में करोड़ों के टेंडर घोटाला के आरोपी जेल में हैं. घोटाला करने वालों के मददगार दो वरिष्ठ आइपीएस अफ सरों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निलंबित कर दिया है. आइपीएस अफ सर दिनेश चंद्र दुबे तथा अरविंद सेन को पशु पालन घोटाले में शामिल लोगों की मदद करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है.
यह दोनों अधिकारी प्रदेश में डीआइजी के पद पर तैनात हैं. आईपीएस दिनेश चंद्र दुबे और अरविंद सेन पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे, जिस पर कार्रवाई की गई है. गृह विभाग ने बयाना जारी कर इनके निलंबन की पुष्टि की है. दिनेश चंद्र दुबे डीआइजी रूल्स एंड मैन्युअल और अरविंद सेन डीआईजी पीएसी आगरा जोन के पद पर तैनात हैं.
अरविंद सेन तत्कालीन एसपी सीबी सीआईडी थे. जिन पर आरोपियों के साथ मिलीभगत कर व्यापारी को धमकाने का आरोप है. दिनेश चंद्र दुबे पर एक शातिर अपराधी से 144 बार पैसे की लेनदेन को लेकर बातचीत का आरोप है. इसी आरोप में उनको निलंबित किया गया है.
गृह विभाग के अनुसार दिनेश चन्द्र दुबे के सम्बन्ध में यूपीसिडको नोडल एजेन्सी के अन्तर्गत कस्तूरबा हॉस्टल, शिवगढ, बछरावां, रायबरेली एवं सादाबाद में बिल्डिंग बनवाने का ठेका तथा बरेली एवं कौशाम्बी में बस अड्डा एवं लखनऊ में दिव्यांगो की बिल्डिंग बनवाने के ठेके दिलाने एवं उससे होने वाले लाभ सम्बन्धी शिकायत प्राप्त हुई थी. पुलिस उपमहानिरीक्षक, पीएसी अरविन्द सेन, पशुपालन विभाग में कूट रचित कर ठगी किये जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी.