Thane Municipal Election Results 2026: एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में शिवसेना का दबदबा, रुझानों में महायुति आगे
हाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए हो रही मतगणना के बीच ठाणे नगर निगम (TMC) से बड़ी खबर आ रही है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले ठाणे में उनके नेतृत्व वाली शिवसेना और भाजपा के गठबंधन (महायुति) ने शुरुआती रुझानों में बढ़त बना ली है.
Thane Municipal Election Results 2026: महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों के लिए हो रही मतगणना के बीच ठाणे नगर निगम (TMC) से बड़ी खबर आ रही है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले ठाणे में उनके नेतृत्व वाली शिवसेना और भाजपा के गठबंधन (महायुति) ने शुरुआती रुझानों में बढ़त बना ली है. अब तक के रुझानों के अनुसार, गठबंधन 131 में से 36 सीटों पर आगे चल रहा है, जिसमें शिंदे गुट की शिवसेना अकेले 24 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.
शिंदे गुट का शानदार प्रदर्शन
ठाणे नगर निगम चुनाव मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है. शुरुआती रुझानों में यह साफ दिख रहा है कि मतदाताओं ने शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा बरकरार रखा है. गठबंधन सहयोगियों में भाजपा भी 12 सीटों पर आगे चल रही है. राजनीतिक जानकारों के अनुसार, ठाणे में शिंदे गुट का यह प्रदर्शन उनके सांगठनिक कौशल और स्थानीय स्तर पर किए गए कार्यों का परिणाम है.
विपक्ष की स्थिति और कांटे की टक्कर
वहीं दूसरी ओर, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) फिलहाल केवल 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) भी 4 सीटों पर आगे चल रही है. ठाणे में इस बार का मुकाबला काफी दिलचस्प रहा है, क्योंकि चुनाव प्रचार के दौरान उद्धव और राज ठाकरे की जोड़ी ने शिंदे के इस किले को ढहाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन शुरुआती रुझान विपक्षी खेमे के लिए चिंताजनक नजर आ रहे हैं.
मतदान और मतगणना का विवरण
ठाणे नगर निगम की कुल 131 सीटों के लिए 15 जनवरी को मतदान हुआ था. मतगणना आज सुबह 10 बजे से शुरू हुई है. शहर के 11 केंद्रों पर भारी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, शाम तक सभी वार्डों के स्पष्ट परिणाम घोषित होने की उम्मीद है.
राजनीतिक समीकरण
2022 में शिवसेना में हुई फूट के बाद यह पहला बड़ा स्थानीय निकाय चुनाव है. इससे पहले, 2017 के चुनाव में शिवसेना अविभाजित थी और उसका ठाणे पर एकतरफा नियंत्रण था. इस बार की जीत यह तय करेगी कि ठाणे के असली 'शिवसैनिक' किस गुट के साथ हैं.