चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से तमिल लिबास में मिले पीएम नरेंद्र मोदी, महाबलीपुरम में शुरू हुआ भारत-चीन दोस्ती का नया अध्याय
आज से भारत और चीन की दोस्ती का एक नया अध्याय शुरु होने जा रहा है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 48 घंटे के भारत दौरे पर हैं. तमिलनाडु के महाबलीपुरम में जब पीएम मोदी ने दक्षिण भारत की पारंपरिक पोशाक वेस्टी और टुंडु पहनकर शी जिनपिंग का स्वागत किया.
महाबलीपुरम: आज से भारत और चीन (India And China) की दोस्ती का एक नया अध्याय शुरु होने जा रहा है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) 48 घंटे के भारत दौरे पर हैं. शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे शी जिनपिंग का विमान चेन्नई एयरपोर्ट पर उतरा. इसके बाद वे महाबलीपुरम (Mahabalipuram) पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शि जिनपिंग की अगवानी की. तमिलनाडु (Tamil Nadu) के महाबलीपुरम में पीएम मोदी ने दक्षिण भारत की पारंपरिक पोशाक वेस्टी और टुंडु पहनकर शी जिनपिंग का स्वागत किया, जबकि चीनी राष्ट्रपति सादे कपड़े में ही नजर आए. बता दें कि तमिलनाडु के महाबलीपुरम में इस बार भारत-चीन के बीच इन्फॉर्मल समिट हो रही है.
पारंपरिक पोशाक में पीएम मोदी ने की शि जिनपिंग की अगवानी-
दोनों नेताओं के बीच कई अहम मसलों पर चर्चा होनी है, लेकिन इससे पहले पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को महाबलीपुरम के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया. उन्होंने चीनी राष्ट्रपति को महाबलीपुरम में पंच रथ, अर्जुन तपस्या स्थल और शोर मंदिर घुमाया. इस दौरान पीएम मोदी ने इन स्थलों के महत्व के बारे में भी बताया.
अर्जुन की तपस्या स्थल पर पीएम मोदी और शी जिनपिंग-
इसके साथ ही पीएम मोदी शि जिनपिंग के साथ यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में शुमार महाबलीपुरम के स्मारक समूह के पास पहुंचे. बताया जाता है कि अभ्यारण्यों के इस समूह को 7वीं और 8वी शताब्दी में कोरोमंडेल तट के किनारे पल्लव राजाओं द्वारा बनवाया गया था. यह भी पढ़ें: महाबलीपुरम में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात आज, चीनी मीडिया बोली ‘21वीं सदी भारत के बिना एशिया की नहीं बनेगी’
महाबलीपुरम के स्मारक समूह का दीदार करते मोदी-जिनपिंग
जानकारी के अनुसार, 48 घंटों की भारत यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी करीब 6 घंटे तक एक साथ रहेंगे. दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. बताया जा रहा है कि वन टू वन बैठक करीब 40 मिनट तक होगी और इसके बाद दोनों देशों की ओर साझा बयान जारी किया जाएगा.