शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, कहा- RCEP की स्वीकृत शर्तें की जाएं सार्वजनिक
महाराष्ट्र में जहां एक तरफ सरकार बनाने को लेकर बीजेपी-शिवसेना में खींचतान जारी है. दोनों ही पार्टियों के नेताओं की तरफ से जमकर बयानबाजी जारी है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी संधि पर हस्ताक्षर करने से पहले इसकी स्वीकृत शर्तों को सार्वजनिक किया जाए.
मुंबई. महाराष्ट्र में जहां एक तरफ सरकार बनाने को लेकर बीजेपी-शिवसेना (BJP-Shiv Sena) में खींचतान जारी है. दोनों ही पार्टियों के नेताओं की तरफ से जमकर बयानबाजी जारी है. राज्य में सरकार कब बनेगी ये सस्पेंस बरकरार है. इसी बीच एनडीए (NDA) की सहयोगी शिवसेना (Shiv Sena) ने एक बार फिर मोदी सरकार (Modi Government) पर हमला बोला है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Shiv Sena Chief Uddhav Thackeray) ने कहा कि क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (Regional Comprehensive Economic Partnership) संधि पर हस्ताक्षर करने से पहले इसकी स्वीकृत शर्तों को सार्वजनिक किया जाए. उद्योग जगत के अनुसार 16 सदस्य देशों का आरसीईपी समझौता विश्व का सबसे बड़ा आर्थिक समूह होगा जिसमें सदस्यों को मुक्त व्यापार की सुविधा मिलेगी.
शिवसेना प्रमुख (Shiv Sena Chief) ने आगे कहा कि भारत कल एक क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) पर हस्ताक्षर करने वाला है. इससे छोटे व्यवसाय प्रभावित होने जा रहे हैं.इसलिए जरूरत है कि इस संधि पर हस्ताक्षर करने के लिए स्वीकृत शर्तों को पहले सार्वजनिक किया जाए. यह भी पढ़े-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन की यात्रा पर पहुंचे बैंकाक, RCEP की तीसरी शिखर बैठक में लेंगे भाग
Uddhav Thackeray, Shiv Sena: India is about to sign an agreement Regional Comprehensive Economic Partnership (RCEP), tomorrow. Small business are going to be adversely affected by it. It is important that the conditions accepted to sign this pact are made public. https://t.co/33wgU2ICDX
— ANI (@ANI) November 3, 2019
गौर हो कि इससे पहले कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) को लेकर मोदी सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा है कि सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान पहुंचाने की तैयारी कर रही है. इसके साथ कांग्रेस का कहना है कि जीएसटी और नोटबंदी के बाद मोदी सरकार का यह तीसरा ऐसा फैसला होगा जो भारत की अर्थव्यवस्था पर असर डालेगा.
सोनिया गांधी यही नहीं रूकी उन्होंने कहा कि सरकार 16 आसियान देशों के क्षेत्रीय मुक्त व्यापार (एफटीए) और क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (आरसीईपी) पर हस्ताक्षर करके एक और बड़ा झटका देने के लिए पूरी तरह तैयार है. इससे किसानों, दुकानदारों, छोटे और मध्यम उद्योगों पर असर पड़ेगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 03, 2019 09:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

