राजस्थान (Rajasthan) में शुक्रवार को समाप्त हुए विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के नतीजों में कांग्रेस को बहुमत हासिल हुआ है. अभी तक के रुझानों में कांग्रेस 102 सीटों पर आगे चल रही है, वहीं बीजेपी 72 सीटों पर सिमट कर रह गई है. इन चुनावों के परिणामों में भले ही कांग्रेस बीजेपी से आगे चल रही है, लेकिन इन परिणामों में सूबे की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) ने अपनी झालरापाटन सीट बड़ी जीत हासिल की है. झालरापाटन से वसुंधरा को 84983 सीटों पर मिली, जबकि कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह मात्र 54114 पर सिमट कर रह गए.
इस सीट से राजे के सामने कांग्रेस ने मानवेंद्र सिंह को उतारा था. झालावाड़ वसुंधरा राजे का गढ़ है. इसी लोकसभा इलाके में झालरापाटन सीट है. राजे इस लोकसभा सीट से लगातार पांच बार सांसद रही हैं और उनके बाद इस सीट से उनके पुत्र दुष्यंत सिंह तीन बार से चुनाव जीत रहे हैं. कांग्रेस को दिग्गज नेता मानवेंद्र सिंह (Manvendra Singh) के रूप में यहां बड़ा झटका लगा है. मानवेंद्र सिंह पर बड़ा भरोसा दिखाते हुए कांग्रेस ने उन्हें राज्य की सबसे महत्त्वपूर्ण सीट झालरापाटन से मैदान ए जंग में उतारा था. यह भी पढ़ें- राजस्थान फिर दोहराएगा इतिहास? कांग्रेस की बन सकती है सरकार
कांग्रेस ने वसुंधरा को कड़ी टक्कर देने के लिए बेहतर विकल्प के रूप में मानवेंद्र सिंह को चुना था, लेकिन कांग्रेस का यह हथियार राजे के सामने फीखा पड़ गया. वसुंधरा राजे झालरापाटन सीट से लगातार 2003 से विधायक का चुनाव जीतती आ रही हैं. इस बार भी वसुंधरा राजे ने यहीं से चुनाव लड़ा. हालांकि इस साल वसुंधरा के प्रति राजस्थान में लोगों की नाराजगी जरुर दिख रही है पर फिर भी इस सीट से उन्होंने बड़ी जीत हासिल की है.
झालरापाटन से वसुंधरा को 84983 सीटों पर मिली, जबकि कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह मात्र 54114 पर सिमट कर रह गए. राजे इस बार वसुंधरा के किसी अन्य सीट से चुनाव जीतने की अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन बाद में राजे ने खुद साफ कर दिया कि वह अपनी पुरानी विधानसभा सीट से ही चुनावी मैदान में आएंगी. वसुंधरा राजे 2003 से 2008 तक और 2013 से अब तक मुख्यमंत्री के तौर पर भी कार्यरत हैं. विधानसभा के अलावा साल 1989 से 2003 के बीच 9वीं से 13वीं लोकसभा तक वसुंधरा राजे लगातार पांच बार सांसद का चुनाव जीत चुकी हैं.













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