Punjab Congress Crisis: संकट में कैप्टन अमरिंदर की कुर्सी? आज विधायक दल की बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला
कांग्रेस की पंजाब इकाई में घमासान जारी है. कैप्टन और सिद्धू खेमे में जारी तनातनी के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) ने आज (18 सितंबर) राज्य के कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है.
चंडीगढ़: कांग्रेस (Congress) की पंजाब (Punjab) इकाई में घमासान जारी है. कैप्टन और सिद्धू खेमे में जारी तनातनी के बीच अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) ने आज (18 सितंबर) राज्य के कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है. माना जा रहा है कि इस बैठक में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) और नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) दोनों ही अपना दबदबा दिखाने की पूरजोर कोशिश करेंगे. वहीं राजनीतिक हलकों में ऐसी भी चर्चा है कि अगर विधायक दल की बैठक में कैप्टन का विरोध अधिक हुआ तो, उनकी सीएम की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है. आप ने सिद्धू को ‘पंजाब की राजनीति का राखी सावंत’ बताया, कांग्रेस नेता ने किया पलटवार
एआईसीसी के महासचिव एवं पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत ने शुक्रवार रात को बैठक के बारे में घोषणा की. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कांग्रेस के अनेक विधायकों ने एआईसीसी से पंजाब कांग्रेस विधायक दल की बैठक तत्काल बुलाने का अनुरोध किया. इसी क्रम में पंजाब प्रदेश कांग्रेस समिति के कार्यालय में 18 सितंबर को शाम पांच बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. पंजाब कांग्रेस के सभी विधायकों से बैठक में शामिल होने का अनुरोध किया जाता है.’’ इस ट्वीट में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह और पंजाब कांग्रेस प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू को भी टैग किया.
Punjab Pradesh Congress Committee office. AICC directs the PPCC to facilitate this meeting.
All congress MLAs of Punjab are requested to kindly attend this meeting.@INCIndia @RahulGandhi @INCPunjab @capt_amarinder @sherryontopp
— Harish Rawat (@harishrawatcmuk) September 17, 2021
रिपोर्ट्स के अनुसार, राज्य के करीब 40 कांग्रेस विधायकों ने हाईकमान को चिट्ठी लिखकर विधायक दल की बैठक बुलाने की डिमांड राखी थी. पिछले महीने, राज्य के चार मंत्रियों और अनेक विधायकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ असंतोष के स्वर उठाए थे और कहा था कि उन्हें अब इस बात का भरोसा नहीं है कि अमरिंदर सिंह में अधूरे वादों को पूरा करने की क्षमता है.
उल्लेखनीय है कि सिद्धू और अमरिंदर दोनों एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हैं और राज्य में कांग्रेस की अंदरूनी कलह बढ़ गई है. राज्य के कांग्रेस विधायकों ने एक बार फिर आवाज उठानी शुरू कर दी है. विधायकों ने मांग की है कि दिल्ली से दो न्यूट्रल ऑब्जर्वर भेजे जाएं ताकि वे अपनी शिकायतें बता सकें. इस बार प्रमुख मूवर्स परगट सिंह और तृप्त सिंह बाजवा हैं, दोनों प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के करीबी हैं.
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने बुधवार को सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की थी. सूत्रों ने कहा कि उन्हें पार्टी के भीतर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए कहा गया है. हरीश रावत ने पिछले दिनों इस मुद्दे पर राहुल गांधी से मुलाकात की थी और उन्हें राज्य के हालात से अवगत कराया था.
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू पिछले महीने कांग्रेस नेतृत्व से मिलने के लिए दिल्ली गए थे, लेकिन उन्हें प्रभारी महासचिव हरीश रावत से बात करने की सलाह दी गई, जो उस समय चंडीगढ़ में थे. हरीश रावत ने राज्य के सभी हितधारकों से मुलाकात की है. उन्होंने खींचतान को लेकर मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ बैठक भी की है. रावत ने चंडीगढ़ में कहा था, 'हम एक सौहार्दपूर्ण समाधान की ओर बढ़ रहे हैं.'
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 18, 2021 10:37 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

