निर्मला सीतारमण (Photo Credits: ANI)
जीएसटी परिषद ने आधार को जीएसटी के अंतर्गत करदाताओं के पंजीकरण से जोड़ने का सैद्धांतिक तौर पर शुक्रवार को फैसला किया और रिफंड पर दावा करने के लिए इसे जरूरी बनाने की संभावना पर विचार किया.
परिषद ने जून में जारी उस परिपत्र को भी वापस लेने का निर्णय किया, जिसमें कहा गया था कि कुछ मामलों में एक कंपनी द्वारा डीलर को दी गयी अतिरिक्त छूट पर भी माल और सेवा कर (जीएसटी) लगेगी.
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार परिषद ने वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के लिए वार्षिक जीएसटी कंपोजिशन रिटर्न (फॉर्म जीएसटीआर-9ए) भरने में रोजगार सृजन करने वाले एमएसएमई सेक्टर को राहत देने का फैसला किया है.













QuickLY