प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'कोई सीमा में नहीं घुसा' के इस बयान पर उठे सवाल, तो PMO ने दी सफाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हुई सर्वदलीय बैठक में चीन से हुए टकराव पर कहा था कि न तो किसी ने हमारी सीमा में प्रवेश किया है, न ही किसी भी पोस्ट पर कब्जा किया गया है. इस बयान पर कांग्रेस और विपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा था कि तो फिर 20 जवान कैसे शहीद हुए. पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 60 वर्षों में 43 हजार वर्ग किमी की जमीन किस हालत में है, इससे पूरा देश वाकिफ है.
नई दिल्ली, 20 जून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को हुई सर्वदलीय बैठक में चीन से हुए टकराव पर कहा था कि न तो किसी ने हमारी सीमा में प्रवेश किया है, न ही किसी भी पोस्ट पर कब्जा किया गया है. इस बयान पर कांग्रेस और विपक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा था कि तो फिर 20 जवान कैसे शहीद हुए. अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने बैठक के एक दिन बाद शनिवार को प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि कुछ लोग प्रधानमंत्री मोदी के बयान की शरारतपूर्ण व्याख्या कर रहे हैं. पीएमओ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूरे बयान का मतलब समझाया है.
पीएमओ ने स्पष्ट किया है कि भारत का क्षेत्र नक्शे में स्पष्ट है, सीमाओं की रक्षा को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है. देश की सीमाओं पर किसी तरह का कोई अतिक्रमण नहीं हुआ है. 15 जून को वास्तविक नियंत्रण रेखा का चीन की ओर से किए जा रहे उल्लंघन को रोकते हुए जवान शहीद हुए थे. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि आल पार्टी मीटिंग में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि 15 जून को गलवान घाटी में हिंसा इसलिए हुई थी, क्योंकि चीन की तरफ से एलएसी के पास संरचना खड़ी करने की कोशिश की जा रही थी. चीन ने संरचना निर्माण रोकने से इन्कार कर दिया था.
पीएमओ ने कहा है कि आल पार्टी मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का पूरा फोकस 15 जून को गलवान घाटी में हुई घटना को लेकर था, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवानों की वीरता की प्रशंसा करते हुए कहा था कि उन्होंने चीन की चाल कामयाब नहीं होने दी. प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया था कि सशस्त्र बलों की बहादुरी के कारण ही वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) का चीन उल्लंघन नहीं कर सका. बिहार रेजीमेंट के सैनिकों के बलिदान ने सीमा पर संरचनाओं को खड़ा करने के चीन के प्रयासों को विफल कर दिया. उस दिन(15 जून) को एलएसी पर अतिक्रमण के प्रयास को भी विफल कर दिया.
प्रधानमंत्री मोदी ने मीटिंग में यह भी कहा था कि हमारे 20 बहादुर जवानों ने लद्दाख में राष्ट्र के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, लेकिन उन्होंने उन लोगों को सबक भी सिखाया जिन्होंने हमारी मातृभूमि की ओर देखने का दुस्साहस किया. राष्ट्र उनके साहस और बलिदान को हमेशा याद रखेगा. सीमा को लेकर उठे विवाद के बीच पीएमओ ने कहा है कि भारतीय क्षेत्र क्या है, यह भारत के नक्शे में स्पष्ट है. सीमाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार दृढ़ और संकल्पबद्ध है.
सर्वदलीय बैठक में चीन के कुछ अवैध कब्जे की जानकारी भी दी गई है. पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 60 वर्षों में 43 हजार वर्ग किमी की जमीन किस हालत में है, इससे पूरा देश वाकिफ है. यह भी स्पष्ट किया गया कि यह सरकार एलएसी के एकतरफा परिवर्तन की अनुमति नहीं देगी. पीएमओ ने कहा कि ऐसे समय में जब हमारे बहादुर सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनका मनोबल कम करने के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है. हमें विश्वास है कि प्रोपोगैंडा के जरिए भारतीयों की एकता को कम नहीं किया जाएगा.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 20, 2020 04:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

