मुंबई,महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक हुई. जिसमें चार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इनमें अनुसूचित जमाती आयोग की स्थापना, धारावी प्रोजेक्ट के लिए जमीन, टोल सहूलियत के लिए भरपाई और हॉस्पिटल के लिए जमीन की अनुमति दी गई है.महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना की गई तथा इसके पदों, परिसरों और व्यय को मंजूरी दी गई. धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिए कुर्ला में 8.5 हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण के लिए समझौते की शर्तों में संशोधन को मंजूरी दी गई.
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम को मुंबई एंट्री गेट पर टोल रियायत के लिए मुआवजा स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया. ये भी पढ़े:महाराष्ट्र सरकार का मुंबई को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम जारी, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, समेत इन प्रोजेक्ट्स का इस साल होगा उद्घाटन
धारावी पुनर्विकास के लिए कुर्ला की 8.5 हेक्टेयर जमीन हस्तांतरित
राज्य सरकार ने धारावी पुनर्विकास योजना के तहत मुंबई के कुर्ला इलाके में स्थित मदर डेयरी की 8.5 हेक्टेयर जमीन प्रोजेक्ट को सौंपने का फैसला किया है. इस जमीन पर पहले दुग्ध व्यवसाय विकास विभाग का स्वामित्व था, लेकिन अब शर्तों में संशोधन करते हुए इसे धारावी प्रोजेक्ट को दे दिया गया है.यह निर्णय इस बहुचर्चित परियोजना को गति देगा.
महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना को मंजूरी
राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति समुदायों की समस्याओं के समाधान और कल्याण के लिए एक स्वतंत्र अनुसूचित जनजाति आयोग बनाने का निर्णय लिया है. इसके लिए नई पदों की सृजन, कार्यालय व्यवस्था और अन्य खर्चों को स्वीकृति दी गई है. अनुसूचित जाति आयोग पहले की तरह अलग से काम करता रहेगा.
राज्य भर के हॉस्पिटलों के लिए जमीन आवंटन को मंजूरी
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को ध्यान में रखते हुए सरकार ने छत्रपति संभाजीनगर के मौजे करोडी गांव में 6 हेक्टेयर जमीन राज्य कामगार विमा महामंडल को 200-बेड हॉस्पिटल बनाने के लिए दी है.इसके अलावा पुणे, सांगली, अमरावती, चंद्रपुर, नाशिक, बारामती, सातारा और पनवेल जैसे शहरों में नए हॉस्पिटलों के लिए भी जमीन आवंटन की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है.
टोल माफी के लिए सड़क विकास निगम को मुआवजा मिलेगा
मुंबई के प्रवेश द्वारों पर टोल माफी देने की वजह से महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल को राजस्व का नुकसान हो रहा था. इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने महामंडल को टोल माफी की भरपाई देने का निर्णय लिया है. यह निर्णय यात्रियों को राहत देने और निगम के संतुलन को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है.













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