Maharashtra Elections 2024: ठाकरे परिवार से लेकर पवार परिवार तक! जानें कहां-कहां और किससे है कांटे की टक्कर!
हाराष्ट्र चुनाव 2024: वर्ली में आदित्य ठाकरे का मुकाबला मिलिंद देवड़ा से है, जबकि बारामती में अजित पवार का मुकाबला भतीजे योगेंद्र पवार से है। जैसे-जैसे गठबंधन टूटता है, सेना, भाजपा, राकांपा और कांग्रेस के बड़े नेता प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिससे एक उच्च-स्तरीय राजनीतिक प्रदर्शन के लिए मंच तैयार होता है।
Maharashtra Elections 2024: महाराष्ट्र चुनाव 2024: वर्ली में आदित्य ठाकरे का मुकाबला मिलिंद देवड़ा से है, जबकि बारामती में अजित पवार का मुकाबला भतीजे योगेंद्र पवार से है। जैसे-जैसे गठबंधन टूटता है, सेना, भाजपा, राकांपा और कांग्रेस के बड़े नेता प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिससे एक उच्च-स्तरीय राजनीतिक प्रदर्शन के लिए मंच तैयार होता है।
महाराष्ट्र चुनाव 2024: जैसा कि महाराष्ट्र 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए तैयार है, 288 सीटों के लिए 4,136 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से 2,086 उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में मैदान में हैं। 23 नवंबर को घोषित होने वाले नतीजे, हाल के वर्षों में शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में विभाजन के बाद राजनीतिक रूप से खंडित परिदृश्य के बीच आए हैं. यह भी पढ़े: Maharashtra Elections 2024: क्या कांग्रेस के गढ़ धारावी में खिलेगा कमल?
प्रमुख गठबंधन और उनकी उम्मीदवारी
सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की विशेषताएं:
* भारतीय जनता पार्टी (BJP): 149 उम्मीदवार
* शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट): 81 उम्मीदवार
* एनसीपी (अजित पवार गुट): 59 उम्मीदवार
विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) का क्षेत्र:
* कांग्रेस: 101 उम्मीदवार
* शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट, यूबीटी): 95 उम्मीदवार
* एनसीपी (शरद पवार गुट): 86 उम्मीदवार
प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र और हाई-प्रोफाइल मुकाबले
कोपरी-पचपेड़ी निर्वाचन क्षेत्र
एकनाथ शिंदे (शिंदे सेना) बनाम केदार दिघे (सेना यूबीटी)
ठाणे में अपने गढ़ में एकनाथ शिंदे का सामना इस बार अपने दिवंगत गुरु आनंद दिघे के भतीजे केदार दिघे से है. साल 2004 में निर्वाचित शिंदे ने पुनर्गठित कोपरी-पचपखाड़ी निर्वाचन क्षेत्र में लगातार तीन बार जीत हासिल की है. यूबीटी के ठाणे जिला प्रमुख केदार दिघे के यहां के निवासी होने के कारण वे शिंदे को कड़ी चुनौती दे सकते हैं.
नागपुर दक्षिण-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र
देवेन्द्र फड़नवीस (BJP) बनाम प्रफुल्ल विनोदराव गुडाधे (कांग्रेस)
भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस चुनाव में सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ रहा है, फड़नवीस लगातार छठी बार सत्ता हासिल करना चाहते हैं. साल 1997 से उनका राजनीतिक गढ़ रहे नागपुर से लगातार पांच चुनावों में उनका समर्थन किया है. इस बार सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाने की उम्मीद के साथ कांग्रेस के प्रफुल्ल गुडाधे फड़नवीस को कठिन चुनौती दे सकते हैं.
बारामती निर्वाचन क्षेत्र
अजित पवार (NCP अजित पवार) बनाम युगेंद्र पवार (NCP शरद पवार)
के इस पारिवारिक झगड़े में, डिप्टी सीएम और लंबे समय तक बारामती नेता रहे अजीत पवार का सामना शरद पवार द्वारा समर्थित उनके भतीजे युगेंद्र पवार से है. एनसीपी विभाजन के बाद, सुप्रिया सुले द्वारा युगेंद्र को समर्थन देने से प्रतिद्वंद्विता और भी बढ़ गई है. हालांकि अजीत आश्वस्त हैं, लेकिन उनके चाचा का समर्थन युगेंद्र के पक्ष में हो सकता है.
वर्ली निर्वाचन क्षेत्र
आदित्य ठाकरे (सेना UBT) बनाम मिलिंद देवड़ा (शिंदे सेना)
आदित्य ठाकरे की दूसरे कार्यकाल की दावेदारी को शिंदे सेना के मिलिंद देवड़ा कड़ी चुनौती दे रहे है. गौरतलब है कि ठाकरे परिवार के उत्तराधिकारी आदित्य ठाकरे ने 2019 में आसानी से जीत हासिल कर ली थी, हालांकि, पूर्व कांग्रेस नेता और केंद्रीय मंत्री देवड़ा 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले शिंदे सेना में शामिल हो गये हैं, जो उद्धव ठाकरे की विरासत के लिए प्रबल चुनौती पेश कर सकते हैं.
कंकावली और कुडाल निर्वाचन क्षेत्र
नितेश और नीलेश राणे (क्रमशः भाजपा और शिंदे सेना)
इनके नेतृत्व में राणे परिवार, पूर्व सीएम नारायण राणे की राजनीतिक विरासत को जारी रखते हुए, कोंकण क्षेत्र में वैभव नाइक (सेना UBT) और संदेश पारकर (सेना UBT) को कड़ी टक्कर दे सकते हैं. यह लड़ाई सिर्फ पारिवारिक विरासत की नहीं है बल्कि कोंकण क्षेत्र के राजनीतिक भविष्य के प्रभुत्व की भी मानी जा रही है.
बांद्रा पूर्व निर्वाचन क्षेत्र
जीशान सिद्दीकी (NCP अजित पवार) बनाम वरुण सरदेसाई (शिवसेना यूबीटी)
इस मुस्लिम-बहुल निर्वाचन क्षेत्र में, उद्धव ठाकरे के भतीजे वरुण सरदेसाई का मुकाबला जीशान सिद्दीकी से है, जो अपने पिता की हत्या के बाद सहानुभूति लहर के रूप में प्रचार कर रहे हैं. यह सीट, जहां ठाकरे का निवास मातोश्री और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में स्थित है, यहां मनसे की तृप्ति सावंत और शिंदे सेना समर्थित निर्दलीय कुणाल सरवणकर से भी चुनौती देखी जा रही है.
लातूर निर्वाचन क्षेत्र
धीरज और अमित देशमुख (कांग्रेस) बनाम रमेश कराड और अर्चना चाकुरकर (BJP)
दिवंगत मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे देशमुख बंधुओं का लक्ष्य अपनी पारिवारिक विरासत की रक्षा करना है. लातूर ग्रामीण में धीरज देशमुख का मुकाबला रमेश कराड से है, जबकि अमित देशमुख का मुकाबला अर्चना चाकुरकर (BJP) से है. लिंगायत और ओबीसी समुदायों से चाकुरकर का मजबूत समर्थन इस मुकाबले को रोचक बना सकता है.
माहिम निर्वाचन क्षेत्र
अमित ठाकरे (मनसे) बनाम महेश सावंत (सेना UBT) बनाम सदा सरवणकर (शिंदे सेना)
यह सीट शिवसेना की विरासत के राजनीतिक भविष्य के लिए एक उच्च जोखिम वाली तीन कांटे की टक्कर वाली सीट है. शिंदे सेना के सरवणकर और UBT के सावंत पहले से ही कड़ी प्रतिस्पर्धा में थे, लेकिन राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे के कूदने से इस महत्वपूर्ण सीट की तरफ लोगों का ध्यान खींचा है.
परली निर्वाचन क्षेत्र
धनंजय मुंडे (NCP अजित पवार) बनाम राजेसाहेब देशमुख (एनसीपी शरद पवार)
इस ध्रुवीकृत निर्वाचन क्षेत्र में ओबीसी बनाम मराठा लड़ाई देखी जा सकती है. पूर्व में धनंजय मुंडे ने 2019 में अपनी चचेरी बहन पंकजा मुंडे को इसी सीट से हराया था, अब उनका मुकाबला शरद पवार गुट का प्रतिनिधित्व करने वाले राजेसाहेब देशमुख से है.
भोकरदन निर्वाचन क्षेत्र
रावसाहेब दानवे (भाजपा) बनाम चंद्रकांत दानवे (राकांपा शरद पवार)
इस सीट पर अपनी जीत को लेकर आश्वस्त भाजपा नेता रावसाहेब दानवे का मुकाबला यहां राकांपा के नेता चंद्रकांत दानवे से है. मौजूदा मराठा आंदोलन के चलते बीजेपी के लिए मुकाबला कड़ा हो सकता है.
मालाबार हिल निर्वाचन क्षेत्र
मंगल प्रभात लोढ़ा (BJP) बनाम भेरूलाल चौधरी (शिवसेना यूबीटी)
हाई-प्रोफाइल वाले इस इलाके मालाबार हिल क्षेत्र में, भाजपा के छह बार के विधायक मंगल प्रभात लोढ़ा का सामना सेना यूबीटी से नवोदित भेरूलाल चौधरी से है. लोढ़ा, राजस्थान से अपनी पत्नी के समर्थन से, जैन समुदाय को एक विकास मंच पर लाते हैं, जबकि चौधरी पुनर्विकास पर ध्यान केंद्रित करते हैं.
कोथरुड निर्वाचन क्षेत्र
चंद्रकांत पाटिल (BJP) बनाम चंद्रकांत मोकाटे (शिवसेना यूबीटी)
कोथरुड के इस त्रिकोणीय मुकाबले वाले क्षेत्र में भाजपा के चंद्रकांत पाटिल का मुकाबला पूर्व विधायक चंद्रकांत मोकाटे (शिवसेना यूबीटी) और मनसे के किशोर शिंदे से है. मोकाटे ने 2009-2014 तक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया, जिससे इस क्षेत्र का चुनाव महत्वपूर्ण बन गया है.
कामठी निर्वाचन क्षेत्र
चन्द्रशेखर बावनकुले (BJP) बनाम सुरेश यादवराव भोयर (कांग्रेस)
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले का मुकाबला कांग्रेस के सुरेश भोयर से है. बावनकुले ने 2004, 2009 और 2014 में यह सीट जीती है, वहीं भोयर को उम्मीद है कि सत्ता विरोधी लहर उनके पक्ष में काम करेगी.
मुंबा देवी निर्वाचन क्षेत्र
शाइना एनसी (शिंदे सेना) बनाम अमीन पटेल (कांग्रेस)
मुंबा देवी में, शिंदे सेना की शाइना एनसी का मुकाबला कांग्रेस के मजबूत उम्मीदवार अमीन पटेल से है, जो 2009 से निरंतर इस सीट पर काबिज हैं. पटेल मुस्लिम-बहुमत मतदाताओं पर भरोसा कर रहे हैं.
मानखुर्द-शिवाजी नगर निर्वाचन क्षेत्र
नवाब मलिक (एनसीपी पवार गुट) बनाम अबू आज़मी (समाजवादी पार्टी)
मनी लॉन्ड्रिंग जांच का सामना कर रहे तीन बार के विधायक नवाब मलिक समाजवादी पार्टी के अबू आजमी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. शिंदे सेना ने इस सीट से शिवाजी पाटिल को उम्मीदवार बनाया है, जिससे मुकाबला औऱ रोचक बन गया है.
बांद्रा पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र
आशीष शेलार (BJP) बनाम आसिफ जकारिया (कांग्रेस)
भाजपा के आशीष शेलार, भाजपा की विकासात्मक पहलुओं पर भरोसा करते हुए, कांग्रेस के आसिफ जकारिया को सामना कर रहे हैं, जिन्हें इस मुस्लिम बहुल समुदाय से भारी तादात में समर्थन की उम्मीद है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 20, 2024 05:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

