मध्यप्रदेश का पॉलिटिकल ड्रामा चरम पर, बेंगलुरु पहुंचे कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया
मध्यप्रदेश में (Madhya Pradesh) में पॉलिटिकल ड्रामा अपने चरम पर है. भले ही कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हों, मगर कांग्रेस ने अब तक हार नहीं मानी है और वह मैदान छोड़ने को तैयार नहीं है. इसी कड़ी में कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह (Congress leader Digvijaya Singh ) आज सुबह बेंगलुरू ( Bengaluru) पहुंचे. जहां उन्होंने मध्यप्रदेश के 21 कांग्रेस विधायक रमाडा होटल (Ramada Hotel) में मिलने के कोशिश की. इस दौरान पुलिस द्वारा अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह रमाडा होटल के पास धरने पर बैठ गए. जिसके बाद दिग्विजय सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इस दौरान उनके साथ कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे.
मध्यप्रदेश में (Madhya Pradesh) में पॉलिटिकल ड्रामा अपने चरम पर है. भले ही कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हों, मगर कांग्रेस ने अब तक हार नहीं मानी है और वह मैदान छोड़ने को तैयार नहीं है. इसी कड़ी में कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह (Congress leader Digvijaya Singh ) आज सुबह बेंगलुरू ( Bengaluru) पहुंचे. जहां उन्होंने मध्यप्रदेश के 21 कांग्रेस विधायक रमाडा होटल (Ramada Hotel) में मिलने के कोशिश की. इस दौरान पुलिस द्वारा अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह रमाडा होटल के पास धरने पर बैठ गए. जिसके बाद दिग्विजय सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. इस दौरान उनके साथ कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे.
बता दें कि मध्यप्रदेश की सियासी लड़ाई अब अदातल की दहलीज तक पहुंच गई है. जहां पर आज बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सदन में बहुमत परीक्षण ना हो पाने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. वहीं कांग्रेस ने भी बागी विधायकों की तलाश के लिए कोर्ट पहुंच गई है. वहीं शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर आज अदालत में सुनवाई होनी है.
सियासी घमासान का वीडियो:-
क्या कहता है मध्यप्रदेश का सियासी समीकरण
अगर राज्य के सियासी गणित पर गौर करें तो विधानसभा में सदस्यों की संख्या 230 है. दो स्थान रिक्त हैं और छह विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए जा चुके हैं. वहीं कांग्रेस के 16 विधायकों के इस्तीफे लंबित हैं. बीजेपी को उम्मीद इस बात की है कि उसके पास 107 विधायक हैं और वह सदन में बहुमत में है. दूसरी ओर कांग्रेस भी जोर लगाए हुए है और बीजेपी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश में है.
कांग्रेस के 16 विधायकों का इस्तीफा मंजूर हो जाता है तो कांग्रेस के विधायकों की संख्या 92 हो जाएगी और समर्थन देने वाले दो बसपा, एक सपा और चार निर्दलीय विधायकों को मिलाकर कुल 99 विधायक कांग्रेस के पास होते हैं. वही बीजेपी के एक विधायक त्रिपाठी के बगावती तेवरों के चलते भाजपा का आंकड़ा 106 नजर आता है.